बांदा में अपना दल (कमेरावादी) का धरना: खाद संकट और इथेनॉल मिश्रण पर राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट- शेलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: उत्तर प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय बांदा में अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम पार्टी के प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने खाद की उपलब्धता, उर्वरक की कथित कालाबाजारी और पेट्रोल-डीजल में इथेनॉल मिश्रण से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
धरना समाप्त होने के बाद पार्टी प्रतिनिधियों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, बांदा के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में किसानों और आम नागरिकों से जुड़े दो प्रमुख मुद्दों पर सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम
अपना दल (कमेरावादी) द्वारा आयोजित यह धरना पार्टी के प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के जिलाध्यक्ष अमरपाल सिंह पटेल ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना आवश्यक है। उनका कहना था कि कृषि कार्य पूरी तरह समयबद्ध होता है, इसलिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित होनी चाहिए।
खाद संकट को लेकर उठाई आवाज
धरने के दौरान पार्टी ने खरीफ सीजन में किसानों को खाद उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
जिलाध्यक्ष अमरपाल सिंह पटेल ने कहा कि कई स्थानों पर किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। उनका आरोप था कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी समस्याओं के कारण किसानों को निर्धारित समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश के सभी किसानों को खरीफ फसल के लिए आवश्यक उर्वरक समय पर और निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाए।
पार्टी का कहना है कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होती, तो फसलों की बुआई और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर किसानों की आय पर भी पड़ सकता है।
इथेनॉल मिश्रण को लेकर भी उठाया मुद्दा
धरने के दौरान दूसरा प्रमुख मुद्दा पेट्रोल और डीजल में इथेनॉल मिश्रण से संबंधित था।
ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि किसानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ट्रैक्टर, सिंचाई पंप तथा अन्य वाहनों पर इथेनॉल मिश्रण के प्रभाव को लेकर उनकी चिंताएं हैं। पार्टी ने सरकार से इस विषय पर आवश्यक समीक्षा करने और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि इस विषय पर संबंधित विशेषज्ञों की राय और तकनीकी अध्ययन के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि किसानों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें शामिल थीं—
पहली मांग: प्रदेशभर में खाद एवं उर्वरक की कथित कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा सभी किसानों को खरीफ फसल के लिए समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
दूसरी मांग: पेट्रोल और डीजल में इथेनॉल मिश्रण से संबंधित विषय पर किसानों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
पार्टी नेताओं ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ज्ञापन को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरपाल सिंह पटेल ने कहा कि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि खेती के मौसम में यदि खाद की उपलब्धता प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। इसलिए संबंधित विभागों को आवश्यक निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि किसानों से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और प्रभावी व्यवस्था के माध्यम से किया जाए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव जयकरन पटेल, मंडल अध्यक्ष यशवंत सिंह पटेल, मंडल उपाध्यक्ष संपत सिंह पटेल, युवा मंच मंडल अध्यक्ष चंद्रप्रकाश पटेल ‘चंद्र’, युवा मंच जिलाध्यक्ष सौरभ पटेल, विधानसभा अध्यक्ष (बबेरू) महेंद्र सिंह पटेल, विधानसभा अध्यक्ष (बांदा) बंशराज पटेल, विधानसभा अध्यक्ष (नरैनी) बाबूराम पटेल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया।
लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गईं मांगें
भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और किसान संगठनों द्वारा अपनी मांगों को ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाना एक स्वीकृत प्रक्रिया है।
इसी क्रम में बांदा में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान भी पार्टी ने अपने मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा और सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
अब आगे यह देखना होगा कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर संबंधित विभागों द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है और किसानों से जुड़े इन मुद्दों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

