कानपुर के अरौल में मिशन शक्ति अभियान: छात्राओं और महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों व सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान के तहत मंगलवार को थाना अरौल, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर की मिशन शक्ति टीम ने कस्बा अरौल में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया।
इस दौरान टीम ने ज्ञान भारती कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज, मकनपुर रोड, अरौल में छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सहायता सेवाओं तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी।
इसके साथ ही मिशन शक्ति टीम ने कस्बा अरौल में भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद स्थापित किया, उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं और सुरक्षा संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें अधिक सशक्त एवं आत्मविश्वासी बनाना था।
छात्राओं को दी गई सुरक्षा और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी
ज्ञान भारती कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग और उनके महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
टीम ने छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, उत्पीड़न, साइबर अपराध, बाल सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल अथवा अन्य आवश्यक परिस्थितियों में सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। इसके माध्यम से संबंधित विभागों तक शिकायत शीघ्र पहुंचाई जा सकती है और आवश्यक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी समझाया कि किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों या पुलिस को देना अधिक सुरक्षित और प्रभावी कदम होता है।
इन महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं और महिलाओं को निम्नलिखित हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी—
- 1090 – महिला पावर लाइन
- 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
- 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
- 112 – आपातकालीन पुलिस सहायता
- 181 – महिला हेल्पलाइन
- 102 एवं 108 – स्वास्थ्य एवं एंबुलेंस सेवाएं
- 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
टीम ने बताया कि इन सेवाओं का उद्देश्य नागरिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे इन नंबरों का उपयोग केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही करें।
महिलाओं और बालिकाओं की समस्याएं भी सुनी गईं
विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम के बाद मिशन शक्ति टीम ने कस्बा अरौल के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं से सीधे संवाद स्थापित किया गया तथा उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया।
टीम ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी समस्या, उत्पीड़न, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा अथवा अन्य किसी विषय में सहायता की आवश्यकता हो, तो वे बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें।
इसके अलावा उपस्थित महिलाओं को यह भी बताया गया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित मामलों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण करने का प्रयास किया जाता है।
मिशन शक्ति केंद्र की भूमिका के बारे में दी जानकारी
मिशन शक्ति टीम ने बताया कि थाना स्तर पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं और बालिकाओं की शिकायतों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
यहां प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कानूनी प्रक्रिया से डरने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस का उद्देश्य शिकायतकर्ताओं को उचित मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना है।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से कराया अवगत
जागरूकता अभियान के दौरान केवल सुरक्षा संबंधी विषयों तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
टीम ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क किया जा सकता है।
साथ ही महिलाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी योजना से संबंधित सही जानकारी केवल अधिकृत सरकारी कार्यालयों या आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें, ताकि किसी प्रकार की भ्रामक सूचना से बचा जा सके।
पंपलेट वितरित कर बढ़ाई जागरूकता
अभियान के दौरान मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं, छात्राओं और स्थानीय नागरिकों के बीच शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों और महिला सुरक्षा संबंधी जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए।
इन पंपलेटों में विभिन्न हेल्पलाइन नंबर, उनके उपयोग, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई थी। अधिकारियों का कहना था कि लिखित जानकारी लोगों को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त करने में सहायक होती है।
जागरूकता से बढ़ता है आत्मविश्वास
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही वे किसी भी प्रकार की समस्या का समय पर समाधान प्राप्त करने के लिए आगे आने में अधिक सहज महसूस करती हैं।
मिशन शक्ति जैसे अभियान समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समाज की सहभागिता भी है आवश्यक
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी महिला या बालिका के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी प्रकार की आपात स्थिति की जानकारी मिलती है, तो उसे संबंधित हेल्पलाइन या पुलिस को तत्काल सूचना देनी चाहिए। सामूहिक जागरूकता और सहयोग से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
थाना अरौल, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर की मिशन शक्ति टीम द्वारा आयोजित यह जागरूकता अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
ज्ञान भारती कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज में छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने के साथ-साथ कस्बा अरौल में महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।
इसके अलावा हेल्पलाइन नंबरों से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए तथा भविष्य में किसी भी समस्या की स्थिति में मिशन शक्ति केंद्र और पुलिस से संपर्क करने का संदेश दिया गया। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

