बांदा में भीम आर्मी का प्रदर्शन, ललिता गौतम हत्याकांड की CBI जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की उठी मांग
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: भीम आर्मी भारत एकता मिशन के नेतृत्व में सोमवार को मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बांदा में प्रदर्शन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने तथा निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
संगठन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में विभिन्न मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले की जांच पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संबंधित प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की अपील भी की।
जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन
सोमवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ता एकत्रित होकर जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि मेरठ में सामने आए ललिता गौतम हत्याकांड की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और सभी तथ्यों का पारदर्शी तरीके से परीक्षण किया जा सके।
सीबीआई जांच की मांग
ज्ञापन में प्रमुख मांग के रूप में ललिता गौतम हत्याकांड की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की बात कही गई। संगठन का कहना है कि स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा जांच होने से मामले की निष्पक्षता को लेकर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
हालांकि, यह मांग संगठन द्वारा ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई है। मामले में जांच एजेंसी बदलने संबंधी कोई आधिकारिक निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
8 जुलाई की घटना का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में 8 जुलाई 2026 को मेरठ में न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
साथ ही संगठन ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई की अपील
भीम आर्मी ने अपने ज्ञापन में कहा कि मामले में दर्ज नामजद आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा जांच में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
संगठन ने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि पीड़ित पक्ष का विश्वास बना रहे और सभी पक्षों को न्याय मिल सके।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। संगठन का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके अलावा संगठन ने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधिकारियों के संबंध में भी रखी मांग
ज्ञापन में संगठन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के संबंध में भी अपनी मांग रखी। संगठन ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारी के विरुद्ध उचित प्रशासनिक निर्णय लिया जाए ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो सके।
हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
ज्ञापन में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया गया।
संगठन ने सुझाव दिया कि पुलिस अधिकारियों को समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए ताकि संवेदनशील मामलों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।
शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक मनोज रस्तम ने की। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है तथा अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लोकतांत्रिक माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना है।
कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें दीपक रजक, डॉ. अनिल पाल, दीपक सिद्धार्थ, जगपाल प्रजापति, प्रदीप भोकर, अरविंद कुमार, महेंद्र लोदिया और किशन समृद्ध सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।
प्रशासनिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर
अब इस ज्ञापन के बाद प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। यदि संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या निर्णय जारी किया जाता है, तो उसी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
बांदा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने ललिता गौतम हत्याकांड की सीबीआई जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। फिलहाल मामले में संबंधित प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

