बहराइच में सपा का शक्ति प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकला मार्च
रिपोर्ट – महेश मिश्रा
बहराइच: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने बहराइच में बड़ा प्रदर्शन किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान पर चलाए जा रहे साप्ताहिक मार्च के अंतिम दिन जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता बहराइच शहर पहुंचे। इस दौरान झिंगहा घाट से लेकर घंटाघर तक सपा कार्यकर्ताओं का मार्च निकला, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
प्रदर्शन में नानपारा, बलहा, मटेरा, पयागपुर, महसी, कैसरगंज और सदर बहराइच क्षेत्र से आए सपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ता हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर लेकर मार्च में शामिल हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी शहीद पार्क पहुंचे, जहां संविधान और मतदान के अधिकारों को लेकर संकल्प लिया गया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सपा के प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुड़े पोस्टर दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
शहीद पार्क पहुंचने के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं के सामने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों को मिले मतदान के अधिकार की रक्षा करना जरूरी है। इसी क्रम में कार्यकर्ताओं ने मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। कार्यक्रम के अंत में शहीद पार्क में स्थापित संविधान मान स्तंभ के समक्ष राष्ट्रगान हुआ और प्रदर्शन का समापन किया गया।
यासर शाह और रामहर्ष यादव ने किया नेतृत्व
बहराइच में निकाले गए पैदल मार्च का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री यासर शाह तथा जिला अध्यक्ष रामहर्ष यादव एडवोकेट ने किया। दोनों नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मार्च निकाला।
पूर्व मंत्री यासर शाह ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को निर्वाचन आयोग और भाजपा खारिज करते रहे हैं। मौजूदा समय में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच राजनीतिक बहस तेज है।
शहर में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़
सपा के इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता पहुंचे। नानपारा, बलहा, मटेरा, पयागपुर, महसी, कैसरगंज और सदर बहराइच से आए पार्टी कार्यकर्ताओं के कारण शहर में काफी भीड़ दिखाई दी।
मार्च के दौरान झिंगहा घाट से लेकर घंटाघर तक का मार्ग कार्यकर्ताओं से भरा रहा। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ सड़क पर उतरने के कारण यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। हालांकि, प्रदर्शन के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया।
सपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में ऐसे पोस्टर ले रखे थे, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके अलावा मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े नारे भी लगाए गए।
संविधान और मतदान अधिकार पर जोर
शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सपा नेताओं ने संविधान और मताधिकार के महत्व पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा आवश्यक है।
इसी संदेश के साथ कार्यकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए मतदान के अधिकार को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।
सपा का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब देश के कई हिस्सों में विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में भी विपक्षी दलों के नेताओं ने हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ मार्च निकाला है।
कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सपा के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें विधायक आनंद यादव, पूर्व सांसद सवित्री बाई फूले, पूर्व विधायक रमेश गौतम, पूर्व विधायक केके ओझा, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव, जफर उल्ला खान बंटी, जिला महासचिव सुनील निषाद और जिला कोषाध्यक्ष हाजी अब्दुल मन्नान समेत कई नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा भगत राम मिश्र, देवेश चंद्र मिश्र, अनिल यादव, गोबिंद निषाद, अवधेश वर्मा, राजेश चौधरी, इंजीनियर राकेश सोनकर, ललिता पासवान, रेखा राव, महिला सभा की जिलाध्यक्ष मन्नू देवी, रामजी यादव, एडवोकेट उत्तम सिंह, कृपाराम यादव, आनंद अवस्थी, संदीप यादव, अफशाल शानू, शैलेश सिंह शैलू, अयोध्या सोनी, नदीमुल हक तन्नू, रियाजुद्दीन एडवोकेट, शुएब अहमद, सभासद अफसर हुसैन, सभासद शकील मिर्जा, मोहम्मद आसिफ, गौरव यादव और जवाहर यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखने का दावा
पूर्व मंत्री यासर शाह ने कहा कि सपा मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक अपनी बात रखेगी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाती रहेगी।
वहीं, जिला अध्यक्ष रामहर्ष यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान पार्टी की मांगों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ प्रदर्शन समाप्त हुआ।
राजनीतिक बहस के बीच सपा का प्रदर्शन
बहराइच में समाजवादी पार्टी का यह प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर पार्टी की सक्रियता को दर्शाता है। एक ओर सपा और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं निर्वाचन आयोग और भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
फिलहाल बहराइच में हुए इस प्रदर्शन के जरिए सपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही है।

