अमेठी में रामगंज मेले की तैयारियों को लेकर 13 सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा व्यवस्था पर है जोर
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: ऐतिहासिक एवं पारंपरिक रामगंज मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मेला व्यवस्था समिति ने आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन के सामने 13 सूत्री मांगें रखी हैं। समिति के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी पंकज मिश्र को ज्ञापन सौंपकर मेला परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराने की मांग की।
रामगंज मेला आगामी 1 और 2 नवंबर को आयोजित होना है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। इसके अलावा रावण दहन स्थल और रात में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन से पर्याप्त इंतजाम करने की अपील की गई है।
13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
रामगंज मेला व्यवस्था समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम पंकज मिश्र को सौंपे ज्ञापन में मेले से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर अपनी मांगें रखीं। समिति का कहना है कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करनी चाहिए।
ज्ञापन में मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग की गई है। इसके साथ ही पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया है।
वहीं, मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।
मेले से पहले और बाद में सफाई पर जोर
मेला व्यवस्था समिति ने प्रशासन से मांग की है कि आयोजन से करीब एक सप्ताह पहले विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। समिति के अनुसार, मेला शुरू होने से पहले परिसर और आसपास के रास्तों की साफ-सफाई होने से श्रद्धालुओं और दर्शकों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
इसके अलावा मेला समाप्त होने के बाद भी कम से कम तीन दिनों तक सफाई व्यवस्था जारी रखने की मांग की गई है। समिति का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण आयोजन के बाद भी परिसर में सफाई की आवश्यकता रहेगी। इसलिए सफाई कर्मचारियों और संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पेयजल और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की मांग
रामगंज मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। साथ ही मेला परिसर, प्रमुख रास्तों और कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
समिति का मानना है कि रात के समय होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए बिजली और प्रकाश व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए संबंधित विभागों को आयोजन से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच कर आवश्यक सुधार करने चाहिए।
पुलिस सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर फोकस
मेले में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है। खासतौर पर दोनों रात होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की अपील की गई है।
इसके साथ ही यातायात को सुचारु रखने और वाहनों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की गई। समिति ने कहा कि मेला क्षेत्र में आने वाले लोगों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी यातायात संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए पहले से रूट और पार्किंग व्यवस्था तय की जानी चाहिए।
अग्निशमन और चिकित्सा व्यवस्था की मांग
ज्ञापन में अग्निशमन व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने की मांग की गई है। समिति ने मेला परिसर में आवश्यक अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की अपील की है।
इसके अलावा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग रखी गई है। समिति के अनुसार, बड़े आयोजन में प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मेला व्यवस्था समिति ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन से विशेष इंतजाम करने की मांग की है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और आवश्यक निगरानी व्यवस्था किए जाने की अपील की गई है।
इसी तरह रावण दहन स्थल पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग रखी गई है। समिति का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो सकते हैं, इसलिए आयोजन स्थल की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की पहले से योजना तैयार की जानी चाहिए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ नियंत्रण
रामगंज मेले की दोनों रातों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में इन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। समिति ने पुलिस प्रशासन से पर्याप्त बल तैनात करने और भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।
इसके साथ ही समिति ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और मेला समिति के पदाधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक कराने की मांग की है। समिति के अनुसार, बैठक के जरिए सभी विभागों की जिम्मेदारियां पहले से तय की जा सकती हैं और आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था से बचने में मदद मिलेगी।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है मेला
मेला व्यवस्था समिति के अध्यक्ष दीपक अग्रहरि ने कहा कि रामगंज मेला क्षेत्र की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। उनके अनुसार, हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मेले में पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था जरूरी है। समिति प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय जायसवाल, रमेश साहू, प्रदीप, अरविंद साहू, कुलदीप विश्वकर्मा, रामकरण, ओमप्रकाश कुमार और आशुतोष तिवारी समेत मेला व्यवस्था समिति, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, केंद्रीय पूजा समिति और युवा व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समिति ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की ओर से मेले से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराया जाएगा। वहीं, आगामी 1 और 2 नवंबर को होने वाले रामगंज मेले को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं।
प्रशासन से समन्वय की उम्मीद
कुल मिलाकर, रामगंज मेले को लेकर मेला व्यवस्था समिति ने सुरक्षा और सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के जरिए इन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। समिति का उद्देश्य है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

