मथुरा में जनकपुरी की छटा होगी मनोरम, श्री रामास्वामी मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा भव्य महल

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में भरतपुर गेट क्षेत्र में आयोजित होने वाली जनकपुरी और श्री राम बारात इस बार श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। 11 अक्टूबर को होने वाले आयोजन को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। जनकपुरी को तमिलनाडु के प्रसिद्ध श्री रामास्वामी मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित रूप दिया जा रहा है।

आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस बार जनकपुरी में करीब 75 फुट ऊंचा भव्य महल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे परिसर को फूलों, आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा। आयोजन को लेकर समिति के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी उत्साह है।

श्री रामास्वामी मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा महल

श्री रामलीला सभा के नीति निदेशक गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी और उपसभापति जुगल किशोर अग्रवाल ने बताया कि इस बार जनकपुरी की भव्यता को अलग स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। करीब 75 फुट ऊंचा महल तैयार किया जा रहा है, जिसकी सजावट तमिलनाडु के मंदिर श्री रामास्वामी की तर्ज पर की जा रही है।

आयोजन समिति का उद्देश्य जनकपुरी को ऐसा आकर्षक स्वरूप देना है, जिससे रामलीला की धार्मिक परंपरा के साथ भारतीय स्थापत्य और सांस्कृतिक विविधता की झलक भी देखने को मिले। इसके लिए निर्माण और सजावट से जुड़े कार्य लगातार किए जा रहे हैं।

फूलों और विद्युत रोशनी से जगमगाएगा परिसर

उपमंत्री विजय सर्राफ किरोड़ी और कोषाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने बताया कि जनकपुरी परिसर को देशी और विदेशी फूलों से सजाया जाएगा। इसके अलावा रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से पूरे क्षेत्र को आकर्षक बनाया जाएगा।

इतना ही नहीं, कोतवाली रोड से लेकर लाला गंज और तारघर तक के मार्ग को भी दूधिया विद्युत रोशनी से सजाने की तैयारी है। जनकपुरी के तीनों ओर विशाल प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इससे आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और राम बारात में शामिल लोगों को विशेष सजावट देखने को मिलेगी।

जयमाला के दौरान दिखेगा विशेष आकर्षण

इस बार जनकपुरी में जयमाला कार्यक्रम के दौरान विद्युत ऊर्जा से संचालित विशेष आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन समिति के अनुसार, इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जा रही है जिससे पारंपरिक आतिशबाजी का आकर्षण बना रहे और प्रदूषण को कम से कम रखा जा सके।

आयोजकों का कहना है कि राम बारात के जनकपुरी पहुंचने और जयमाला के कार्यक्रम के दौरान विशेष सजावट और रोशनी के बीच यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए यादगार अनुभव देने वाली होगी।

बाजार, खान-पान और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

प्रचारमंत्री पं. शशांक पाठक ने बताया कि जनकपुरी परिसर में विभिन्न प्रकार की दुकानों को भी सजाया जाएगा। यहां लोगों की जरूरत के सामान के साथ खान-पान की दुकानें और बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें लगाई जाएंगी।

इसके अलावा जनकपुरी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। इससे धार्मिक वातावरण के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आयोजन समिति के अनुसार, जनकपुरी में आने वाले श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए मनोरंजन तथा धार्मिक अनुभूति दोनों का समन्वय देखने को मिलेगा।

सर्वसमाज करेगा श्री राम बारात का स्वागत

इस आयोजन की सबसे खास बात यह होगी कि सर्वसमाज के लोग श्री राम बारात का स्वागत करेंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजों के प्रतिनिधियों ने राम बारात के स्वागत की तैयारियों की जानकारी दी है।

आयोजकों के अनुसार यादव, प्रजापति, सिख, सविता, पंजाबी, निषाद, सोनकर, जोशी, कढ़ेरे, स्वर्णकार, माली, लोधी, वाल्मीकि, गुर्जर, कोरी और जाटव समाज समेत विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर बारात का स्वागत करेंगे।

जनकपुरी पहुंचने वाली श्री राम बारात के स्वागत के लिए इत्र और गुलाब जल की फुहारों की भी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालुओं और बारातियों के स्वागत में विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिलेगी।

धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक एकता का संदेश

जनकपुरी और राम बारात का आयोजन केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, इसमें विभिन्न समाजों की भागीदारी सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का संदेश भी देती है। अलग-अलग समुदायों के लोग एक साथ मिलकर भगवान श्री राम की बारात का स्वागत करेंगे।

इस प्रकार आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विविधता भी दिखाई देगी। समिति का प्रयास है कि जनकपुरी में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिले।

तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति होगी मुख्य संयोजक

आयोजन की व्यवस्थाओं में तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति मुख्य संयोजक की भूमिका निभाएगी। जनकपुरी की सजावट, प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश द्वार, बाजार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राम बारात के स्वागत से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के दौरान नीति निदेशक गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, उपसभापति जुगल किशोर अग्रवाल, मंत्री विजय सर्राफ किरोड़ी, कोषाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, प्रचार मंत्री पं. शशांक पाठक, प्रचार संयोजक पं. अमित भारद्वाज, प्रवीन अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

11 अक्टूबर को होगा मुख्य आयोजन

कुल मिलाकर, 11 अक्टूबर को होने वाली जनकपुरी और श्री राम बारात को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। करीब 75 फुट ऊंचे महल की सजावट, विद्युत रोशनी, फूलों की सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और सर्वसमाज की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाने वाली है।

श्री रामलीला सभा का कहना है कि जनकपुरी को आकर्षक स्वरूप देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में 11 अक्टूबर को भरतपुर गेट क्षेत्र में होने वाला यह धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।

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