आजमगढ़ में कांग्रेस का विरोध मार्च, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; लगाए ‘वोट चोरी’ के नारे
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आजमगढ़ शहर में विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
विरोध मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
‘वोट चोरी बंद करो’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ के नारे
विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी बंद करो’’, ‘‘लोकतंत्र बचाओ’’ और ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’’ जैसे नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाताओं के वोट की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनते हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की आशंका या सवाल सामने आने पर संबंधित संस्थाओं की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी ने आजमगढ़ में विरोध मार्च का आयोजन किया।
जिलाध्यक्ष ने उठाया चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि वोट जनता का अधिकार है और उसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब मिलना चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी दोहराई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर लोकतांत्रिक मंचों तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ से जुड़े कांग्रेस के आरोपों को पार्टी के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों के संबंध में संबंधित चुनावी संस्थाओं का पक्ष अलग से सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
मताधिकार की सुरक्षा की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विरोध मार्च का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध दर्ज कराना नहीं है, बल्कि मताधिकार और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाना भी है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत का महत्व है और मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं के भरोसे को मजबूत करने की मांग की। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव से जुड़े किसी भी सवाल का समाधान तथ्यों और स्पष्ट जवाबदेही के आधार पर होना चाहिए।
विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों का समय पर समाधान किया जाना चाहिए।
सड़क से लोकतांत्रिक मंचों तक संघर्ष की बात
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जब तक वोट की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का समाधान नहीं होता, कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने इसे मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जनता के वोट की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की शंका को दूर किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, चुनावी व्यवस्था में लोगों का विश्वास लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। मार्च के माध्यम से पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को स्थानीय स्तर पर भी प्रमुखता से उठाएगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
आजमगढ़ में आयोजित विरोध मार्च में कांग्रेस के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें रियाजुल हसन, राजाराम यादव, चंद्रपाल सिंह यादव, अंसार अहमद, राम गणेश प्रजापति, दिनेश यादव, गिरीश चतुर्वेदी, बेलाल बेग, शीला भारती, अजीत राय, सीमा भारती, रामअवध प्रेमी, अरविंद पांडेय, राजा-उर-रहमान, राकेश गुप्ता, रमेश राजभर, प्रमोद यादव, हरेंद्र सिंह, केदार मौर्य, प्रेमा चौहान, मंत्रराज यादव और प्रदीप यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मार्च के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वहीं, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर भी नारेबाजी की गई।
आगे भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आजमगढ़ में निकाला गया विरोध मार्च पार्टी के व्यापक अभियान का हिस्सा है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होने तक वह अलग-अलग लोकतांत्रिक मंचों पर अपनी बात रखती रहेगी।
कुल मिलाकर, आजमगढ़ में कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मताधिकार की सुरक्षा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से सामने आई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को आगे भी जनता के बीच उठाती रहेगी। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर आधिकारिक और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

