कानपुर में होम्योपैथिक छात्रों ने जीएसवीएम की आधुनिक लैब में लिया प्रशिक्षण – विस्तार से पढ़ें
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: चिकित्सा शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व को देखते हुए पं. जवाहरलाल नेहरू राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की अत्याधुनिक पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और आधुनिक जांच तकनीकों के बारे में व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की।
यह शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए चिकित्सा जांच की आधुनिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर रहा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रयोगशालाओं में होने वाली जांच, नमूनों की प्रक्रिया और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में प्रयोगशाला निदान की भूमिका के बारे में जानकारी हासिल की।
आधुनिक लैब में छात्रों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों से परिचित कराना था। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें विभिन्न प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर भी मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) लुबना खान, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव और डॉ. रुचि गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रयोगशाला में होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं और जांचों के महत्व के बारे में जानकारी दी।
चिकित्सा शिक्षा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ वास्तविक कार्यप्रणाली समझने में मदद करते हैं। इससे भविष्य में मरीजों की जांच और उपचार से जुड़े विषयों को समझने में उन्हें बेहतर आधार मिल सकता है।
पैथोलॉजी और हिस्टोपैथोलॉजी लैब का किया अवलोकन
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब और हिस्टोपैथोलॉजी लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि पैथोलॉजी जांच के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की पहचान और उनके निदान में किस प्रकार सहायता मिलती है।
हिस्टोपैथोलॉजी के दौरान विद्यार्थियों को ऊतक संबंधी जांच की प्रक्रिया और इसके चिकित्सकीय महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों की भूमिका को समझाते हुए बताया कि बीमारी की सही पहचान के लिए सटीक जांच और रिपोर्टिंग महत्वपूर्ण होती है।
इस दौरान छात्रों ने प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और जांच प्रक्रिया से संबंधित जानकारियां भी प्राप्त कीं। इससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले विषयों को व्यावहारिक स्तर पर समझने का अवसर मिला।
कोविड लैब में PCR और ELISA तकनीक की जानकारी
अध्ययन भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कोविड लैब का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें PCR और ELISA जैसी जांच तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन तकनीकों के उपयोग और चिकित्सा जांच में इनके महत्व को समझाया।
छात्रों को बताया गया कि आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकें संक्रामक और अन्य बीमारियों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, जांच के परिणामों की सटीकता और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध होना मरीजों के उपचार की दिशा तय करने में सहायक हो सकता है।
इस तरह विद्यार्थियों को माइक्रोबायोलॉजी से जुड़े प्रयोगशाला कार्यों को समझने का अवसर भी मिला। आधुनिक तकनीकों के प्रत्यक्ष अवलोकन से छात्रों के ज्ञान को व्यावहारिक आधार मिला।
हैलट अस्पताल की 24 घंटे संचालित हेमेटोलॉजी लैब देखी
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने हैलट अस्पताल के आपातकालीन विभाग में संचालित होने वाली हेमेटोलॉजी लैब का भी अवलोकन किया। यह लैब 24 घंटे संचालित होती है और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
विद्यार्थियों को हेमेटोलॉजी जांच की कार्यप्रणाली और आपातकालीन स्थिति में समय पर जांच उपलब्ध होने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों ने यह भी समझा कि अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं में प्रयोगशाला विभाग किस प्रकार चिकित्सकों को मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने में सहयोग करता है।
इस दौरान परास्नातक छात्रों ने भी आधुनिक प्रयोगशालाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्नत जांच तकनीकों के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और सटीक निदान में मदद मिलती है। इससे मरीजों को उचित उपचार शुरू करने में सुविधा होती है।
विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक जांच तकनीकों का महत्व
भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ चिकित्सा जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान में आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
किसी भी बीमारी के उपचार के लिए सही निदान महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाओं में होने वाली जांच चिकित्सकों को मरीज की स्थिति समझने में सहायता करती है। इसके साथ ही, आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के कारण जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
छात्रों ने विशेषज्ञों से अपने सवाल भी पूछे और प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी हासिल की। इस तरह यह भ्रमण उनके लिए पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का माध्यम बना।
प्राचार्य ने जताई प्रसन्नता
पं. जवाहरलाल नेहरू राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. हर्षवर्धन सिंह भदौरिया ने शैक्षणिक भ्रमण के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला और दोनों विभागाध्यक्षों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा प्रयोगशालाओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिलना उनकी शैक्षणिक समझ को मजबूत करने में सहायक है। इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से छात्रों को विभिन्न चिकित्सा जांच प्रक्रियाओं को करीब से जानने और आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता समझने का अवसर मिलता है।
वहीं, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग प्रभारी डॉ. पुनीत कुमार मिश्र ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।
कुल मिलाकर, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की आधुनिक प्रयोगशालाओं का यह शैक्षणिक भ्रमण चिकित्सा शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। विद्यार्थियों को पैथोलॉजी, हिस्टोपैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, PCR, ELISA और हेमेटोलॉजी जैसी जांच प्रक्रियाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला।

