मथुरा में निकली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पदयात्रा, काला दिवस मनाकर जताया विरोध

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को मथुरा में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पदयात्रा निकाली गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजकीय छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के दौरान लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस नेताओं और इंडिया गठबंधन के सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘काला दिवस’ भी मनाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

राजकीय छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकली पदयात्रा

जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित पदयात्रा राजकीय छात्रावास से शुरू हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सिविल लाइन होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने चुनाव और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए।

पदयात्रा में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों पर पारदर्शी तरीके से चर्चा और समाधान होना चाहिए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत का अपना महत्व है। उनके मुताबिक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर यदि कोई सवाल उठता है तो उसका समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

दिल्ली में प्रदर्शन के विरोध में मनाया ‘काला दिवस’

मथुरा में पदयात्रा के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पार्टी नेताओं और इंडिया गठबंधन के सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस ने कार्रवाई की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसी कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को पार्टी के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

कुनाल चौधरी ने मताधिकार की रक्षा पर दिया जोर

कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं ब्रज क्षेत्र प्रभारी कुनाल चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मताधिकार की रक्षा बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने पर भी जोर दिया।

पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने भी किया संबोधित

पदयात्रा के दौरान पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि है। उनके अनुसार कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेने और जनता के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

विक्रम बाल्मीकि ने संभाला कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने किया। पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, बालवीर प्रधान, मनोज गौड़, हरदेव सिंह, अक्षय पाठक, अश्वनी शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, हाकिम सिंह छोकर, ललिता देवी, राजन पाठक, रमेश कश्यप, काशन रिज़वी, रूपा लवानिया, गीता देवी, अजीम शाह, शिव कुमार गौतम, अशोक निषाद, करण निषाद, राजा गौतम, पंकज चौधरी, महेश चौबे, रवि वाल्मीकि, रिंकू गौतम, तपेश गौतम, दुर्गेश बघेल, संदीप हिंडोल, अमित राज, चंद्र मोहन जायसवाल, हरिओम उपाध्याय, शैलेंद्र तिवारी, अज्जू प्रधान, संजय चतुर्वेदी, केके गौतम, राकेश रावत, प्रवीण ठाकुर, हरीश पचौरी, हर्ष चौरसिया, राधेलाल उपाध्याय, लाल सोलंकी, अजय शर्मा, हाशिम हुमेंर, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, अमित दीक्षित, आसिफ कुरैशी, दीपक अग्रवाल, शैलेंद्र चौधरी, कीर्ति कौशिक चौधरी, गंगेश्वर, आदेश उपाध्याय, रूपेश धनगर, दीपक दीक्षित, कृष्ण मोहन सिंह, राजेश सारस्वत, पार्षद पुनीत बघेल, भगवान सिंह, लक्ष्मी नारायण धनगर, आबाद मोहम्मद, अजय कुमार, बनवारी चौधरी, प्रदीप सागर चौधरी, ज्ञान सिंह, राजेश कुमार, सुशील सागर और नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

चुनाव प्रक्रिया और मताधिकार बना मुख्य मुद्दा

मथुरा में आयोजित इस पदयात्रा के दौरान कांग्रेस ने मुख्य रूप से मताधिकार, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इस प्रकार, ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पदयात्रा के जरिए कांग्रेस ने मथुरा में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज करते हुए चुनाव और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विषयों को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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