मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर रथ यात्राओं का संकल्प हुआ पूरा, जगन्नाथपुरी यात्रा का समापन

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे को लेकर देश के चार प्रमुख धामों से मथुरा तक श्रीकृष्ण रथ यात्राएं निकालने का करीब तीन वर्ष पुराना संकल्प गुरुवार को पूरा हुआ। जगन्नाथपुरी से मथुरा पहुंची श्रीकृष्ण रथ यात्रा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर पहुंचने के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और पदाधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए।

यात्रा का आयोजन श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से किए गए आह्वान के क्रम में हुआ। जगन्नाथपुरी से आई यात्रा का स्वागत संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर महाराज के सानिध्य में पहुंचे यात्रियों का हिंदू पक्षकार एवं न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने किया।

चारों धामों से मथुरा पहुंची श्रीकृष्ण रथ यात्राएं

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अभियान के तहत देश के चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख धामों से मथुरा तक रथ यात्राएं निकालने की योजना बनाई गई थी। इसी क्रम में पहली यात्रा मार्च 2025 में द्वारका, गुजरात से मथुरा पहुंची थी।

इसके बाद अक्टूबर 2025 में बद्रीनाथ से यात्रा निकाली गई, जबकि दिसंबर 2025 में रामेश्वरम-पंढरपुर से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए रथ यात्रा मथुरा पहुंची। अब अंतिम यात्रा जगन्नाथपुरी, ओडिशा से रवाना होकर गुरुवार सुबह मथुरा पहुंची।

इस तरह चारों प्रमुख धामों से निकाली गई यात्राओं का क्रम पूरा हो गया। आयोजकों के मुताबिक, इन यात्राओं का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय को देश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना और लोगों को इस मुद्दे के प्रति जागरूक करना था।

आचार्य राजेश्वर महाराज ने लिया विशेष संकल्प

यात्रा के समापन अवसर पर आचार्य राजेश्वर महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन को लेकर एक विशेष संकल्प की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर के निर्माण के बाद ही वहां दर्शन करने आएंगे।

आचार्य राजेश्वर महाराज के मुताबिक, जब तक उनकी ओर से बताए गए उद्देश्य के अनुरूप मंदिर का निर्माण नहीं होता, तब तक वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन नहीं करेंगे। यात्रा में शामिल अन्य लोगों ने भी उनके साथ इसी तरह का संकल्प लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि करीब तीन वर्ष पहले देश के चारों प्रमुख धामों से श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर रथ यात्राएं निकालने का संकल्प लिया गया था। अब जगन्नाथपुरी से आई यात्रा के साथ यह संकल्प पूरा हो गया है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने बताई आगे की योजना

श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि चारों धामों से निकाली गई यात्राओं के माध्यम से बड़ी संख्या में गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों से संपर्क किया गया।

उन्होंने दावा किया कि यात्राओं के दौरान करीब 40 से 50 हजार गांवों, शहरों और कस्बों में लोगों तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अभियान की जानकारी पहुंचाई गई। उनके अनुसार, इस अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और न्यास को जनसमर्थन मिला है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आने वाले समय में इससे भी बड़ी यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है और अगली यात्रा की घोषणा जल्द की जाएगी।

मंदिर निर्माण को लेकर किया दावा

महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से जुड़े इतिहास को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1670 में औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर मूल गर्भगृह स्थल के ऊपर मस्जिद का निर्माण कराया गया था।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मूल गर्भगृह स्थल पर दोबारा भव्य मंदिर का निर्माण कराना है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इस स्थल पर पहले से भी भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि मंदिर-मस्जिद से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक दावे लंबे समय से सार्वजनिक बहस तथा न्यायिक प्रक्रिया का विषय रहे हैं। इसलिए संबंधित पक्षों के दावों को उनके बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचा अभियान

आचार्य राजेश्वर महाराज ने कहा कि रथ यात्राओं के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि यात्रा के दौरान लोगों को इस मुद्दे के बारे में जानकारी दी गई और बड़ी संख्या में लोग अभियान से जुड़े।

उन्होंने कहा कि यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं और समर्थकों के बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। उनके मुताबिक, अभियान को लोगों का समर्थन मिला है।

वहीं, आयोजकों ने कहा कि चारों धामों से निकली यात्राओं के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विषय को देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही आने वाले समय में भी इस अभियान को जारी रखने की बात कही गई।

अगली यात्रा की जल्द होगी घोषणा

जगन्नाथपुरी से मथुरा पहुंची श्रीकृष्ण रथ यात्रा के समापन के बाद आयोजकों ने भविष्य की गतिविधियों को लेकर संकेत दिए हैं। महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अगली यात्रा को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।

इस अवसर पर राम सिंह राजौरिया, मोहनलाल, राधेश्याम शर्मा, सुनील चौबीसा, प्रकाश गौड़, डॉ. लता शर्मा, आशा शांडिल्य और रविराज शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, जगन्नाथपुरी से मथुरा पहुंची श्रीकृष्ण रथ यात्रा के साथ चारों प्रमुख धामों से मथुरा तक रथ यात्राएं निकालने का अभियान पूरा हुआ। आयोजकों ने इसे करीब तीन वर्ष पहले लिए गए संकल्प की पूर्णता बताया। साथ ही, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अभियान को आगे भी जारी रखने और नई यात्रा की जल्द घोषणा करने की बात कही।

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