हमीरपुर में मुस्करा कोतवाली के इस पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप, जांच और कार्रवाई की उठी मांग
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: जिले के मुस्करा कोतवाली क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी पर फरियादी के साथ कथित मारपीट का आरोप लगने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित का आरोप है कि वह अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचा था, जहां ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद परिजन घायल व्यक्ति को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत दर्ज कराने पहुंचने का दावा
पीड़ित हेमंत कुमार का आरोप है कि वह अपनी शिकायत दर्ज कराने के उद्देश्य से मुस्करा कोतवाली पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में उनके हाथ में भी फ्रैक्चर हुआ है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के बाद परिजन घायल को तत्काल मुस्करा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया।
बताया गया कि चोटों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए घायल को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट आगे की जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
डॉक्टर ने दी चिकित्सकीय जानकारी
मामले में स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार ने घायल का परीक्षण किए जाने की पुष्टि की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए रेफर किया गया।
हालांकि, विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और चोटों की प्रकृति से संबंधित अंतिम जानकारी संबंधित चिकित्सकीय अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
स्थानीय लोगों में चर्चा
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी फरियादी के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच से जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होता है।
पुलिस विभाग की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश पुलिस समय-समय पर पुलिसकर्मियों के आचरण और कार्यप्रणाली को लेकर दिशा-निर्देश जारी करती रहती है। यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच विभागीय नियमों के अनुसार की जाती है।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता, संबंधित पुलिसकर्मी, प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्य जुटाए जाते हैं। इसके बाद सक्षम अधिकारी आवश्यक निर्णय लेते हैं।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
वर्तमान मामले में भी अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। फिलहाल पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यदि पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई बयान या जांच रिपोर्ट जारी की जाती है, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
कानून के अनुसार कार्रवाई का प्रावधान
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति द्वारा पुलिसकर्मी के विरुद्ध शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाती है। इसी प्रकार यदि शिकायत असत्य पाई जाती है तो उसके संबंध में भी कानून के अनुसार कार्रवाई का प्रावधान है।
इसलिए किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जाता।
हमीरपुर के मुस्करा कोतवाली क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित ने पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि घटना के संबंध में विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल संबंधित पक्षों के बयान और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

