अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कानपुर में सपा का प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने किया पैदल मार्च
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कानपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन मार्केट परेड स्थित मेट्रो स्टेशन के पास धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए बड़ा चौराहा पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में लिया जाना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर कानपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।
नवीन मार्केट में जुटे सपा कार्यकर्ता
मंगलवार को कानपुर के नवीन मार्केट परेड स्थित मेट्रो स्टेशन के पास समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां उन्होंने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
धरने के दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लगातार लोकतांत्रिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाती रही है। ऐसे में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उनकी गिरफ्तारी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष है।
धरने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च शुरू किया। यह मार्च नवीन मार्केट क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए बड़ा चौराहा पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
फजल महमूद ने लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी कानपुर नगर के अध्यक्ष फजल महमूद ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए काम किया गया। इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
फजल महमूद के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन आरोपों को पार्टी के नेताओं के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं में आक्रोश
फजल महमूद ने कहा कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जल्द रिहा नहीं किया गया तो पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में जोरदार आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
कानपुर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और पैदल मार्च किया। प्रदर्शन के कारण शहर के प्रमुख इलाके में राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी राजनीतिक मांगों और विरोध को सार्वजनिक रूप से दर्ज कराना रहा।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष ने संकेत दिया कि यदि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो पार्टी का विरोध प्रदेश स्तर पर और तेज हो सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
दरअसल, राजनीतिक दलों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार चलता रहता है। ऐसे में कानपुर में हुआ यह प्रदर्शन भी उसी राजनीतिक विरोध की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के समर्थन में आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
फिलहाल कानपुर में हुए प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से आगे की रणनीति को लेकर स्थानीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

