संतकबीरनगर जिला अस्पताल का नोडल अधिकारी रवि रंजन ने किया निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं और साफ-सफाई पर दिए निर्देश

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव एवं जनपद के नोडल अधिकारी रवि रंजन (आईएएस) ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन संयुक्त जिला चिकित्सालय और एमसीएच विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति तथा साफ-सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने अस्पताल में आम लोगों और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति और अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को मौके पर परखा।

विशेष सचिव रवि रंजन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की और उनका कुशल-क्षेम पूछा। उन्होंने मरीजों से यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें इलाज के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से किस प्रकार की सेवाएं मिल रही हैं। मरीजों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने पर जोर

नोडल अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही से बचने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक व्यवस्थाओं का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान विशेष सचिव ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। उन्होंने वहां साफ-सफाई की स्थिति, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था को देखा। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टर कक्ष, दवा सेंटर और इमरजेंसी सेवा की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।

अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से ऑक्सीजन व्यवस्था के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए।

चिकित्सक की अनुपस्थिति पर मांगा गया कारण

निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डॉ. श्रेया सिंह अनुपस्थित पाई गईं। इस संबंध में नोडल अधिकारी ने जानकारी प्राप्त की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की ओर से बताया गया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति के संबंध में कार्यालय को पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

अधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में मानव संसाधन की उपलब्धता और जिम्मेदारियों का निर्वहन व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

साफ-सफाई व्यवस्था पर जताया असंतोष

संयुक्त जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष सचिव ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इस संबंध में अस्पताल के क्वालिटी मैनेजर फैजान को साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में स्वच्छ वातावरण मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए वार्ड, परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी किए जाने पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी स्वीकार

निरीक्षण के दौरान रवि रंजन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनमानस को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को मरीज-केंद्रित बनाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को दवा, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। इसके साथ ही अस्पताल में आने वाले लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका उचित समाधान किया जाए।

इस निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का संदेश मिला। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, चिकित्सक, अस्पताल कर्मचारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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