संतकबीरनगर हत्या मामले में दो और गिरफ्तार, अब तक सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
रिपोर्ट- शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने हत्या के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेन्द्र यादव और योगेन्द्र यादव के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए दो बांस के डंडे भी बरामद किए हैं।इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है। पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है।
गिठनी बाजार नहर पुलिया के पास हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 6 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों को गिठनी बाजार नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर दो बांस के डंडे बरामद किए, जिन्हें पुलिस ने मामले से संबंधित बताया है।
22 सितंबर को हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, यह मामला 22 सितंबर 2026 का है। उस दिन शिकायतकर्ता रमाकान्त यादव निवासी भकठान गोसाईपुर ने कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर देकर बताया था कि उनके भाई ब्रह्मनन्द यादव घर से गिठनी बाजार की ओर जा रहे थे।
आरोप है कि जब ब्रह्मनन्द यादव राकेश यादव के घर के सामने पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उनकी मोटरसाइकिल को रोक लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने उनकी आंखों में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गए। इसके बाद उनके साथ लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से मारपीट की गई।घटना के दौरान शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ब्रह्मनन्द यादव को गंभीर हालत में देखकर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश को बताया गया घटना का कारण
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर पुरानी रंजिश को घटना की वजह बताया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का कहना है कि गांव के प्रधान रमाकान्त यादव, उनके भाई ब्रह्मनन्द यादव और श्रीकान्त यादव के साथ उनका पहले से विवाद चल रहा था।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें कथित तौर पर बार-बार धमकाया और परेशान किया जाता था। इसके अलावा 18 मई 2026 को ब्रह्मनन्द यादव द्वारा अपने परिजनों और अन्य लोगों के साथ उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। इस संबंध में कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।पुलिस के मुताबिक, इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने ब्रह्मनन्द यादव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। पूछताछ में आगामी ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर भी आपसी राजनीतिक रंजिश की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस ने बरामद किए दो बांस के डंडे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों की निशानदेही पर दो बांस के डंडे बरामद किए गए हैं। मामले में बरामदगी को जांच का हिस्सा मानते हुए पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पहले पांच आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया था। अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जांच के दौरान सामने लाया जा रहा है। साथ ही, बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे, उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक धर्मनाथ यादव, कांस्टेबल अजीत कुशवाहा, कांस्टेबल प्रदीप कुमार पटेल, कांस्टेबल रजनीश यादव, कांस्टेबल मनीष कुमार वर्मा, महिला कांस्टेबल आरजू सिंह और महिला कांस्टेबल महिमा यादव शामिल रहे।

