अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में संतकबीरनगर कलेक्ट्रेट पर सपाइयों का प्रदर्शन, रिहाई की सूचना पर आंदोलन खत्म
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद मंगलवार को संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और उनकी तत्काल रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थानीय सपा नेताओं के अनुसार, काफी देर तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद जब अखिलेश यादव की रिहाई की जानकारी मिली, तब कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च के दौरान हिरासत
मंगलवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने संसद परिसर से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे।
मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया। इसी दौरान अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
इस घटनाक्रम की जानकारी जैसे ही संतकबीरनगर के समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंची, स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया। सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हिरासत के विरोध में नारेबाजी करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग करने लगे।
कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे सपा कार्यकर्ता
संतकबीरनगर कलेक्ट्रेट में हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खड़ी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव विपक्षी नेताओं के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए मार्च में शामिल हुए थे। ऐसे में उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता के.डी. यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनहित और राजनीतिक मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की रिहाई होने तक कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अन्य सपा कार्यकर्ताओं ने भी अखिलेश यादव को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सामने रखते रहेंगे।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद
अखिलेश यादव की हिरासत का मामला दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से जुड़ा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है और आयोग ने SIR से संबंधित प्रक्रियाओं को नियमों के तहत किए जाने की बात कही है। इसलिए इस पूरे मामले में राजनीतिक दलों के आरोपों और संबंधित संस्थाओं के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
दिल्ली में हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के मुख्यालय तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद कई नेताओं ने मौके पर धरना दिया और पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लेकर बसों से वहां से हटाया।
रिहाई की सूचना के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
इधर, संतकबीरनगर में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में अखिलेश यादव की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। काफी देर तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद जब उपजिलाधिकारी की ओर से अखिलेश यादव की रिहाई की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई, तो सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर से वापस लौट गए। इस तरह अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में संतकबीरनगर में शुरू हुआ प्रदर्शन उनकी रिहाई की सूचना के बाद समाप्त हो गया।
स्थानीय स्तर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखाया कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली राजनीतिक घटनाओं का असर जिलों में भी दिखाई देता है। हालांकि, संतकबीरनगर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त होने की जानकारी सामने आई है।

