औरैया में निकला खतरनाक रसेल वाइपर सांप, घंटो चला रेस्क्यू, मची थी हलचल – जानिये कहां?
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के मुरादगंज क्षेत्र में उस समय लोगों का ध्यान एक बड़े सांप की ओर आकर्षित हो गया, जब अयाना रोड स्थित बंबा के पास एक विशाल सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही आसपास मौजूद लोगों ने सावधानी बरती और उसके करीब जाने के बजाय वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।
वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू किए गए सांप की पहचान रसेल वाइपर के रूप में की गई है। बताया गया कि सांप की लंबाई करीब पांच से छह फीट थी। बड़े आकार के सांप को देखकर आसपास के लोगों में स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल बना, हालांकि समय रहते वन विभाग को सूचना दिए जाने के कारण स्थिति को सुरक्षित तरीके से संभाल लिया गया।
अयाना रोड के पास दिखाई दिया बड़ा सांप
मुरादगंज चौकी क्षेत्र में अयाना रोड के पास मौजूद लोगों की नजर अचानक एक बड़े सांप पर पड़ी। इसके बाद लोगों ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। सांप आकार में बड़ा और मोटा दिखाई दे रहा था, इसलिए लोगों ने उससे दूरी बनाए रखना ही उचित समझा।
स्थानीय लोगों ने स्थिति को देखते हुए खुद सांप को पकड़ने या उसे हटाने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय वन विभाग को सूचना दी गई। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि किसी भी अज्ञात या जहरीले सांप के पास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आवश्यक सावधानी बरतते हुए सांप को रेस्क्यू किया। वन विभाग की ओर से सांप की पहचान रसेल वाइपर के तौर पर किए जाने की जानकारी दी गई।
रेस्क्यू की कार्रवाई पूरी होने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सांप को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाए जाने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों के बीच रसेल वाइपर को लेकर चर्चा भी होती रही।
भारत में पाई जाने वाली जहरीली सांपों की प्रमुख प्रजातियों में शामिल
रसेल वाइपर भारत में पाई जाने वाली जहरीली सांपों की प्रमुख प्रजातियों में शामिल है। यह सांप कई इलाकों में खेतों, झाड़ियों और ऐसे स्थानों के आसपास दिखाई दे सकता है जहां उसे छिपने के लिए उपयुक्त जगह मिलती है। हालांकि हर बार सांप का दिखाई देना किसी खतरे का संकेत नहीं होता, लेकिन ऐसे मामलों में सावधानी रखना जरूरी है।
रसेल वाइपर के काटने की स्थिति में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को सांप के काटने की आशंका हो तो समय बर्बाद किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। घरेलू उपचार या बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी प्रकार की दवा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
सांप दिखाई देने पर क्या सावधानी बरतें?
विशेषज्ञों और वन विभाग की सलाह के अनुसार, घर, खेत, सड़क या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर सबसे पहले उससे पर्याप्त दूरी बनानी चाहिए। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों को भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहना चाहिए।
इसके अलावा सांप को पकड़ने, छेड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कई बार लोग उत्सुकता में सांप के नजदीक जाकर उसका वीडियो बनाने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए बेहतर है कि सांप की मौजूदगी की जानकारी वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को दी जाए।
यदि सांप किसी घर या आबादी वाले इलाके में दिखाई देता है, तो बच्चों और पालतू जानवरों को भी उससे दूर रखना चाहिए। साथ ही, सांप को घेरने या उसके रास्ते को रोकने की कोशिश करने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किए जाने का इंतजार करना चाहिए।
वन्यजीवों के प्रति सावधानी और जागरूकता जरूरी
मुरादगंज में रसेल वाइपर के रेस्क्यू की घटना एक बार फिर यह बताती है कि वन्यजीवों के साथ सावधानीपूर्वक व्यवहार करना कितना जरूरी है। सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना और संबंधित विभाग को सूचना देना सबसे बेहतर तरीका है।
वहीं, वन विभाग की टीम द्वारा समय पर पहुंचकर सांप का रेस्क्यू किए जाने से लोगों को राहत मिली। स्थानीय लोगों की ओर से भी बिना जोखिम उठाए विभाग को सूचना देना जागरूकता का परिचायक है।
कुल मिलाकर, औरैया के मुरादगंज में अयाना रोड के पास दिखाई दिए करीब पांच से छह फीट लंबे रसेल वाइपर को वन विभाग ने सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच सांपों को लेकर चर्चा बनी हुई है। वन विभाग की अपील है कि भविष्य में भी यदि किसी स्थान पर सांप दिखाई दे तो लोग खुद कार्रवाई करने के बजाय प्रशिक्षित टीम को सूचना दें, ताकि इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।

