बस्ती के अटल आवासीय विद्यालय में जलभराव से बढ़ी परेशानी, 63 करोड़ की लागत से बना स्कूल प्रभावित

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रिपोर्ट – राकेश गिरी 

बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अटल आवासीय विद्यालय इन दिनों जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। हर्रैया तहसील क्षेत्र के बसेवाराय स्थित विद्यालय परिसर में पिछले करीब एक सप्ताह से गंदा पानी जमा है। इसके चलते छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को भी परिसर में आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव की स्थिति इतनी बढ़ गई है कि पानी छात्रावास के मुहाने तक पहुंच गया है। वहीं, विद्यालय परिसर में मच्छरों के साथ सांप जैसे जीव-जंतुओं के दिखाई देने की बात भी सामने आई है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बताया जा रहा है।

विद्यालय में पठन-पाठन कार्यक्रम हो रहा प्रभावित

अटल आवासीय विद्यालय का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। लेकिन परिसर में जलभराव के कारण रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों को भी आवाजाही में परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण विद्यालय परिसर के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी आवासीय विद्यालय में लंबे समय तक गंदे पानी का जमा रहना स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करना आवश्यक माना जा रहा है।

मंडलायुक्त और सीडीओ ने किया विद्यालय का निरीक्षण

जलभराव की गंभीर स्थिति की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सार्थक अग्रवाल समेत अन्य अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति और जलनिकासी व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही, पानी की निकासी के लिए उपलब्ध रास्तों और आसपास के क्षेत्र की स्थिति को भी देखा गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के प्रयास शुरू किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विद्यालय परिसर में बार-बार जलभराव की स्थिति को देखते हुए केवल तत्काल जलनिकासी के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।

निचले क्षेत्र में होने के कारण जमा होता है पानी

बताया जा रहा है कि अटल आवासीय विद्यालय का परिसर अपेक्षाकृत निचले क्षेत्र में स्थित है। बारिश के दौरान आसपास के इलाकों का पानी यहां आकर जमा हो जाता है। इसके अलावा विद्यालय के पास से गुजरने वाला नाला भी स्थिति को और प्रभावित करता है।

जब नाला ओवरफ्लो होता है तो पानी ड्रेनेज सिस्टम और बाउंड्रीवाल के रास्ते विद्यालय परिसर में पहुंच जाता है। इस वजह से बारिश के बाद पानी की निकासी में परेशानी होती है और परिसर में जलभराव की स्थिति बन जाती है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चिंता जताई जा रही है कि यदि जलनिकासी की व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बारिश के दौरान ऐसी समस्या दोबारा सामने आ सकती है।

63 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण

बस्ती का अटल आवासीय विद्यालय करीब 63 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। विद्यालय के निर्माण की शुरुआत 24 मई 2021 को हुई थी। इसके बाद सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से प्रदेश में तैयार किए गए 16 अटल आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल लोकार्पण किया था।

बस्ती के बसेवाराय स्थित अटल आवासीय विद्यालय में सितंबर 2023 से कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। ऐसे में विद्यालय के निर्माण और संचालन के कुछ ही वर्षों बाद जलनिकासी से जुड़ी समस्या सामने आने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक परिसर में आधारभूत सुविधाओं का सुचारु रहना बेहद जरूरी है। खासतौर पर आवासीय विद्यालय होने के कारण यहां विद्यार्थियों के रहने, पढ़ने और दैनिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

निर्माण श्रमिकों और जरूरतमंद बच्चों के लिए है योजना

अटल आवासीय विद्यालय योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही कोविड-19 महामारी से प्रभावित और अनाथ बच्चों को भी इस योजना के तहत बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई है।

इन विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। इसलिए परिसर में स्वच्छता और जलनिकासी जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का बेहतर होना बेहद आवश्यक है।

स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत

वर्तमान में प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, विद्यालय के निचले क्षेत्र में होने और आसपास के नाले से पानी आने की समस्या को देखते हुए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करना जरूरी होगा।

यदि नाले के ओवरफ्लो होने से पानी लगातार विद्यालय परिसर में पहुंचता है तो भविष्य में भी यह समस्या दोहराई जा सकती है। ऐसे में विद्यालय परिसर के ड्रेनेज सिस्टम, बाउंड्रीवाल और आसपास के नाले की संयुक्त रूप से समीक्षा करना उपयोगी होगा।

फिलहाल विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द जलभराव की समस्या का समाधान कराएगा। साथ ही, विद्यालय की जलनिकासी व्यवस्था में ऐसा सुधार किया जाएगा जिससे बारिश के दौरान परिसर में दोबारा पानी जमा न हो।

कुल मिलाकर, 63 करोड़ 59 लाख रुपये से बने अटल आवासीय विद्यालय में जलभराव की मौजूदा स्थिति ने विद्यालय की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासनिक निरीक्षण के बाद अब समाधान की उम्मीद बढ़ी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिले, ताकि पठन-पाठन प्रभावित न हो और अटल आवासीय विद्यालय अपने उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके।

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