आजमगढ़ में कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस का मामला, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट – पितेश्वर

आजमगढ़। निजामाबाद पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने और सरकारी लाभ लेने के मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुंबई के अंधेरी वेस्ट निवासी इबराक खान पुत्र इमदाद खान के रूप में हुई है। आरोपी को मुंबई की बांद्रा अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर आजमगढ़ लाया गया है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी 32 बोर रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड भी मिले हैं। पुलिस मामले में बरामद दस्तावेजों और शस्त्र लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

बाहरी लोगों को गांव का निवासी दिखाने का आरोप

निजामाबाद पुलिस के अनुसार 29 सितंबर को इस मामले में सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी मिर्जा अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर बाहरी लोगों को गांव का निवासी दर्शाकर दस्तावेज तैयार कराए जाते हैं। पुलिस को जानकारी मिली कि इन दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने की प्रक्रिया में मदद की जाती थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुंबई निवासी इबराक खान को मिर्जापुर गांव का निवासी दर्शाते हुए परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। पुलिस के अनुसार इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2010 में उसके नाम रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था।

मामले में 29 सितंबर को निजामाबाद थाने में इबराक खान, मिर्जा अयाज बेग और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

मुंबई पहुंची निजामाबाद पुलिस की टीम

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए निजामाबाद पुलिस की टीम मुंबई पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए एक अक्टूबर को इबराक खान को उसके पाटलिपुत्र स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को लाइसेंसी 32 बोर रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस मिले।

इसके साथ ही आरोपी के पहचान संबंधी दस्तावेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुंबई की बांद्रा अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल की। इसके बाद चार अक्टूबर को आरोपी को निजामाबाद थाने लाया गया। अब पुलिस उससे पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

दो शस्त्र लाइसेंस की जांच में सामने आए तथ्य

पुलिस की जांच में इबराक खान के नाम शस्त्र लाइसेंस संख्या 315/2010 ग्राम मिर्जापुर के पते पर जारी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इस लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों में जूनियर हाईस्कूल का स्थानांतरण प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल समेत कई अभिलेखों में कूटरचना के तथ्य मिले हैं।

इसके अलावा मुंबई निवासी शाहिद मोहम्मद खान के नाम भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते पर शस्त्र लाइसेंस संख्या 314/2010 जारी होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इस लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच में भी कथित कूटरचना के तथ्य मिले हैं।

हालांकि, इन दस्तावेजों की वास्तविकता और पूरे मामले में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही, इसका अंतिम निर्धारण जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

मतदाता सूची और स्थानीय अभिलेखों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान दोनों व्यक्तियों के नाम वर्ष 2026 की एसआईआर मतदाता सूची में मिर्जापुर गांव के पते पर दर्ज मिले। वहीं ग्राम प्रधान की रिपोर्ट, परिवार रजिस्टर और अन्य स्थानीय अभिलेखों की जांच में दोनों को गांव का निवासी नहीं पाया गया।

इन विरोधाभासी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित दस्तावेज किस स्तर पर तैयार हुए और उनके आधार पर शस्त्र लाइसेंस जारी कराने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी।

मिर्जा अयाज बेग की भूमिका की भी जांच

पुलिस की जांच में मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी सामने आई है। उस पर आरोप है कि उसने बाहरी लोगों को गांव का निवासी दर्शाने के लिए कथित रूप से दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग किया और शस्त्र लाइसेंस तथा अन्य सरकारी लाभ हासिल करने की प्रक्रिया में मदद की।

जांच के दौरान पुलिस को अयाज बेग, उसकी पत्नी, पुत्र और भाइयों के नाम समेत परिवार से जुड़े कुल आठ शस्त्र लाइसेंस की जानकारी भी मिली है। पुलिस इन लाइसेंसों से संबंधित दस्तावेजों और उनकी वैधता की भी जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। इसके लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दर्ज मुकदमे में कई गंभीर धाराएं

इस मामले में निजामाबाद थाने में मु0अ0सं0 245/2026 दर्ज किया गया है। मुकदमे में धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा 29/30 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने का नेटवर्क कितना बड़ा है और इससे कितने लोगों को शस्त्र लाइसेंस या अन्य सरकारी लाभ दिलाए गए। साथ ही, पहले जारी हुए संबंधित लाइसेंसों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका और दस्तावेजों की सत्यता से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है। पुलिस के अनुसार सभी पहलुओं की जांच नियमानुसार की जा रही है।

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