UPI पर MDR शुल्क के विरोध में कानपुर के व्यापारियों का प्रदर्शन, घंटाघर पर उठाई आवाज
रिपोर्ट- विवेक कृष्ण दीक्षित
कानपुर। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच UPI लेनदेन पर MDR (Merchant Discount Rate) शुल्क लगाए जाने के विरोध में कानपुर के व्यापारियों ने सोमवार को आवाज बुलंद की। कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा के पास व्यापारियों ने प्रदर्शन कर UPI पर प्रस्तावित MDR शुल्क का विरोध किया। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रदर्शन का आयोजन दोपहर करीब 1:30 बजे किया गया। व्यापारियों ने इस दौरान डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापारियों के लिए आर्थिक रूप से सुविधाजनक बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें UPI डिजिटल भुगतान व्यवस्था से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी चिंता UPI लेनदेन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त MDR शुल्क लगाए जाने को लेकर है।
UPI पर शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद कलीम ने कहा कि UPI आज देश में डिजिटल भुगतान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। छोटे दुकानदारों, खुदरा कारोबारियों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में यदि UPI लेनदेन पर MDR शुल्क लगाया जाता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों की लागत पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में व्यापारियों को कई तरह के कर, शुल्क, किराया, बिजली और अन्य कारोबारी खर्चों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण व्यापारियों के लिए अतिरिक्त लागत को ग्राहकों पर डालना भी आसान नहीं होता। इसलिए डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि UPI ने देश में भुगतान व्यवस्था को काफी आसान बनाया है। ग्राहक और दुकानदार दोनों ही मोबाइल फोन के माध्यम से कुछ ही क्षणों में भुगतान कर सकते हैं। खासतौर पर छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा के कारोबार में डिजिटल भुगतान की भूमिका लगातार बढ़ी है। इसलिए व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखा जाना चाहिए।
घंटाघर पर व्यापारियों ने लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने UPI पर MDR शुल्क के विरोध में नारे लगाए। व्यापारियों ने मांग की कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए सरल और शुल्क-मुक्त बनाए रखा जाए। उनका कहना था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है, जिसमें व्यापारी बिना अतिरिक्त वित्तीय दबाव के डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकें।
व्यापारियों ने कहा कि UPI के कारण नकद भुगतान पर निर्भरता कम हुई है और कारोबार में भुगतान की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है। ऐसे में यदि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ आता है तो इसका असर छोटे कारोबारियों पर अधिक पड़ सकता है। इसी वजह से व्यापार मंडल ने इस मुद्दे को व्यापारियों के हित से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ सकता है असर
व्यापारियों का कहना है कि छोटे और मध्यम कारोबारी सीमित मार्जिन पर काम करते हैं। ऐसे कारोबार में प्रत्येक अतिरिक्त शुल्क का असर कुल लागत पर पड़ सकता है। खासकर उन दुकानों में जहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान होते हैं, वहां किसी भी अतिरिक्त शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ सकती है।
हालांकि, व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को हतोत्साहित करना नहीं है। इसके विपरीत वे चाहते हैं कि UPI जैसी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। साथ ही, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिले और भुगतान प्रक्रिया पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न आए।
व्यापार मंडल ने आंदोलन बढ़ाने की दी चेतावनी
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारी हितों से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा। संगठन का कहना है कि यदि MDR शुल्क को लेकर व्यापारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा सकता है।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार, डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए नीतिगत फैसलों में छोटे और मध्यम कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सोमवार को घंटाघर पर हुए प्रदर्शन के माध्यम से व्यापारियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वे डिजिटल भुगतान व्यवस्था के समर्थक हैं, लेकिन उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। व्यापारियों ने मांग की कि UPI भुगतान व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और शुल्क-मुक्त बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहम्मद कलीम ने व्यापारियों की ओर से अपनी बात रखी। संगठन ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भी इस मुद्दे को लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच चर्चा और आवश्यक कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

