कानपुर में दिव्यांग शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादले की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत दिव्यांग श्रेणी के शिक्षकों, असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों और दिव्यांग दंपत्ति शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने सोमवार को कानपुर में अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शासनादेश और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 में किए गए प्रावधानों के अनुरूप पात्र शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की।
संगठन का कहना है कि दिव्यांग शिक्षकों और अन्य पात्र श्रेणी के शिक्षकों के लिए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर शासन स्तर पर प्रावधान किए गए हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन प्रावधानों का अपेक्षित रूप से अनुपालन नहीं होने से संबंधित शिक्षक परेशान हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थानांतरण सूची जारी कराने की मांग की है।
शासनादेश के बावजूद स्थानांतरण सूची का इंतजार
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि शासन की ओर से 4 जून 2026 के शासनादेश, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश के 19 अगस्त 2026 के पत्र में दिव्यांग शिक्षकों और दिव्यांग व्यक्तियों के अभिभावकों एवं संरक्षकों के लिए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से संबंधित व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, इन प्रावधानों के तहत पात्र दिव्यांग शिक्षकों ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए संबंधित विभाग में आवेदन भी किए हैं। हालांकि, अभी तक शासन स्तर से स्थानांतरण की सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में आवेदन करने वाले शिक्षकों को अपने स्थानांतरण का इंतजार करना पड़ रहा है।
संगठन ने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों की परिस्थितियां सामान्य शिक्षकों से अलग होती हैं। कई शिक्षक स्वयं दिव्यांगता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि कुछ शिक्षक असाध्य रोग से पीड़ित हैं। इसके अलावा दिव्यांग दंपत्ति शिक्षकों के सामने भी पारिवारिक और प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां रहती हैं। इसलिए पात्र शिक्षकों के मामलों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
पहले भी उठाई जा चुकी है मांग
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर संगठन पहले भी शासन और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख चुका है। इसके बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने नाराजगी जताई है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि शासनादेश और कानून में पात्र शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की व्यवस्था की गई है, तो उसका लाभ संबंधित शिक्षकों को समय पर मिलना चाहिए। लंबे समय तक प्रक्रिया लंबित रहने से शिक्षकों को व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी क्रम में सोमवार को कानपुर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने मांग की कि पात्र शिक्षकों के आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कराकर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सूची जारी की जाए।
प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन देने का दावा
प्रवक्ता एवं केंद्रीय कार्यालय प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की मुख्य मांग बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत दिव्यांग शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण शासनादेश और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार तत्काल कराने की है।
उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। इसके बावजूद सूची जारी नहीं होने से संबंधित शिक्षकों में असंतोष है। संगठन का कहना है कि सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेकर पात्र शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।
12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर धरने की चेतावनी
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से शासन को आगे की रणनीति से भी अवगत कराया। संगठन ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शासन का ध्यान दिव्यांग शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना और उन्हें उनके अधिकारों के अनुरूप राहत दिलाना है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पात्र शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करेगी।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नागेश कुमार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष आनन्द तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता भावेश भाई वाधाणी तथा प्रवक्ता एवं केंद्रीय कार्यालय प्रभारी राहुल कुमार समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाई और शासनादेश में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इस मांग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और पात्र दिव्यांग शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सूची कब तक जारी होती है।

