इटावा में धारा 163 लागू, आगामी त्योहार और एमएलसी चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट
रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान
इटावा। आगामी त्योहारों और एमएलसी चुनाव को देखते हुए इटावा जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला ने जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन के इस निर्णय का उद्देश्य जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा त्योहारों और चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति को रोकना है।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार धारा 163 जनपद में 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान प्रशासन की ओर से सार्वजनिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रतिबंधों का पालन कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखेंगे।
त्योहारों को लेकर प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
इटावा में आने वाले दिनों में विभिन्न त्योहारों के आयोजन और धार्मिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क है। त्योहारों के दौरान बाजारों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि सभी पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।
इसी क्रम में धारा 163 लागू किए जाने से प्रशासन को कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी। अधिकारियों द्वारा लोगों से अपील की जा सकती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सूचना के प्रसार से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एमएलसी चुनाव को लेकर भी प्रशासन तैयार
आगामी एमएलसी चुनाव को देखते हुए भी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। चुनाव से संबंधित गतिविधियों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों, निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास रहेगा कि मतदाता बिना किसी दबाव या बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
दरअसल, त्योहार और चुनाव एक ही अवधि में होने के कारण प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। इसलिए जिला प्रशासन ने संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही एहतियाती कदम उठाया है।
धारा 163 का उद्देश्य क्या है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 का इस्तेमाल ऐसी परिस्थितियों में किया जा सकता है, जब सार्वजनिक शांति, सुरक्षा या व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने की आवश्यकता हो। इसका उद्देश्य किसी संभावित विवाद या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या को उत्पन्न होने से पहले नियंत्रित करना होता है।
इटावा में लागू आदेश की अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। किसी भी आयोजन या सार्वजनिक गतिविधि के लिए संबंधित नियमों और अनुमति संबंधी प्रावधानों का ध्यान रखना होगा।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती है। साथ ही, किसी घटना या विवाद की स्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग आगामी दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा सकते हैं। प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
वहीं, त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी प्रशासन का ध्यान रहेगा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जा सकती है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि लोगों को त्योहार मनाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और साथ ही कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह कायम रहे।
इसके अलावा, चुनाव से संबंधित गतिविधियों पर भी अधिकारियों की नजर रहेगी। प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित समस्या की तत्काल जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से आगे साझा करने से बचें।
साथ ही, त्योहारों के दौरान सभी समुदायों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि इटावा में आगामी त्योहार और एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।

