सुल्तानपुर शिक्षक दंपती हत्याकांड का खुलासा, ड्राइवर ने साथी संग रची थी साजिश
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
सुल्तानपुर। कादीपुर थाना क्षेत्र के कुम्हीडड़िया स्थित मनराजी शिक्षण संस्थान में हुए शिक्षक दंपती के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने सात दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात की साजिश संस्थान में बस चालक और कंप्यूटर शिक्षक के रूप में काम करने वाले राकेश कुमार यादव ने अपने साथी आशीष यादव के साथ मिलकर रची थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों का उद्देश्य संस्थान में चोरी करना था। हालांकि, घटना के दौरान पहचान सामने आने के डर से मामला हत्या तक पहुंच गया।
पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को बुढ़ाना पुल बड़ी नहर की पुलिया से करीब 50 मीटर पहले गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल फावड़ा और कुल्हाड़ी, कथित तौर पर लूटे गए 34,960 रुपये, मृतका का आधार कार्ड और घटना के दौरान पहने गए खून के दाग वाले कपड़े बरामद करने की बात कही है।
सात दिन में पुलिस ने किया मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 28/29 सितंबर की रात मनराजी शिक्षण संस्थान में सहायक अध्यापक मुकेश कुमार सिंह (53) और उनकी पत्नी विनीता सिंह (47) की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 29 सितंबर को मृतक के भाई अखिलेश सिंह की तहरीर पर कादीपुर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला गंभीर होने के कारण पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने जांच के लिए एसओजी, सर्विलांस और फील्ड यूनिट समेत पांच टीमों को लगाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुराग, तकनीकी जानकारी और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। आखिरकार पुलिस ने राकेश कुमार यादव और उसके साथी आशीष यादव को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का दावा किया।
संस्थान की जानकारी का उठाया फायदा
पुलिस की पूछताछ में राकेश ने कथित तौर पर बताया कि उसे शिक्षण संस्थान के कार्यालय, अलमारी, लॉकर की चाबी और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन के बारे में जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, आर्थिक परेशानी के चलते उसने अपने पटीदार आशीष यादव के साथ मिलकर संस्थान में चोरी की योजना बनाई।
योजना के मुताबिक दोनों रात में संस्थान पहुंचे। पुलिस का कहना है कि चाबी की मदद से लॉकर खोलकर रुपये निकालने के दौरान विनीता सिंह ने दोनों को देख लिया। पहचान सामने आने के डर से आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और शिक्षक मुकेश कुमार सिंह को भी निशाना बनाया गया।
भागने की कोशिश के दौरान शिक्षक पर हमला
पुलिस के मुताबिक, पत्नी पर हमला होते देखकर मुकेश कुमार सिंह वहां से बचकर निकलने का प्रयास करने लगे। हालांकि, आरोपियों ने उनका पीछा किया और उन पर भी हमला किया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया, जिससे शिक्षक की मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी कथित तौर पर संस्थान से रुपये, मोबाइल फोन और विनीता सिंह का आधार कार्ड लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, राकेश ने मृतका के मोबाइल फोन से कुछ लेनदेन करने का प्रयास किया और बाद में मोबाइल को एक कुएं में फेंक दिया।
दोनों आरोपियों के पास से रकम बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार राकेश कुमार यादव के कब्जे से 18,220 रुपये और विनीता सिंह का आधार कार्ड बरामद किया गया। वहीं, उसके साथी आशीष यादव के पास से 16,740 रुपये मिलने की बात कही गई है। इस तरह पुलिस ने कुल 34,960 रुपये बरामद किए हैं।
इसके अलावा पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार इन कपड़ों पर खून के दाग मिले हैं। बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है और पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है।
आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राकेश कुमार यादव के खिलाफ पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं, जबकि आशीष यादव के खिलाफ दो मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने मामलों और इस घटना से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को मुख्य आरोपी बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसआईटी को मजबूत चार्जशीट तैयार करने के निर्देश
मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने एसआईटी गठित कर दी है। साथ ही ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों को व्यवस्थित तरीके से संकलित कर न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत करना है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक तरुण कुमार पटेल, उपनिरीक्षक अरुण दुबे, हेड कांस्टेबल विजय बाबू सोनी समेत पुलिस की अन्य टीमें शामिल रहीं।
पुलिस की जांच में सामने आई अहम कड़ियां
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि आरोपी राकेश को संस्थान की अंदरूनी व्यवस्था की जानकारी थी। उसे लॉकर, चाबी और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन के बारे में जानकारी होने का पुलिस ने दावा किया है। यही वजह रही कि जांच में संस्थान से जुड़े लोगों की भूमिका भी पुलिस के रडार पर रही।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस बरामद हथियारों, रकम, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले में आगे जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

