मेरठ में यूपी पुलिस कांस्टेबल फिजिकल के पहले दिन 8 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के तहत मेरठ में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षण (Physical Test) के पहले दिन कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। छठी वाहिनी पीएसी परिसर में चल रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान दौड़ पूरी करते समय कुछ अभ्यर्थियों को चक्कर, थकान और डिहाइड्रेशन की शिकायत हुई। इसके बाद कुल 8 अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
भर्ती प्रक्रिया के पहले दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुए। निर्धारित मानकों के अनुसार अभ्यर्थियों को 25 मिनट के भीतर 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी है। ऐसे में समय सीमा के दबाव के साथ लगातार दौड़ लगाने के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की तबीयत अचानक खराब हो गई। मैदान में मौजूद पुलिसकर्मियों और मेडिकल टीम ने तत्काल स्थिति संभाली तथा जरूरत के अनुसार अभ्यर्थियों को अस्पताल पहुंचाया।
दौड़ के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दूसरे बैच की दौड़ के दौरान एक अभ्यर्थी करीब चार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अचानक अचेत होकर गिर पड़ा। कुछ समय बाद उसे होश आया तो वह स्थिति को पूरी तरह समझे बिना दोबारा ट्रैक पर दौड़ने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे रोक लिया और उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मैदान में मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस के माध्यम से अभ्यर्थियों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
इन अभ्यर्थियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
तबीयत खराब होने के बाद जिन अभ्यर्थियों को अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, उनमें विपुल, ऋतिक शर्मा, आकाश, अजय, मुकुल, प्रिंस और सुमित सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल बताए गए हैं। वहीं, प्राथमिक उपचार के बाद अभिषेक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मामलों में थकान और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें सामने आईं। हालांकि, प्रत्येक अभ्यर्थी की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सप्लीमेंट और स्टेरॉयड को लेकर चर्चा
घटना के बाद मैदान में मौजूद कुछ अभ्यर्थियों के बीच इस बात की चर्चा भी रही कि निर्धारित समय में दौड़ पूरी करने के लिए कुछ अभ्यर्थियों ने एनर्जी सप्लीमेंट या प्रतिबंधित स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भर्ती प्रक्रिया की निगरानी कर रहे नोडल अधिकारी एवं एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि केवल चर्चा के आधार पर किसी अभ्यर्थी द्वारा प्रतिबंधित दवा या स्टेरॉयड लेने की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए चिकित्सकीय जांच और मेडिकल रिपोर्ट आवश्यक होगी। यदि जांच में किसी प्रकार के प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे शारीरिक परीक्षा से पहले किसी भी प्रकार के संदिग्ध या हानिकारक सप्लीमेंट का सेवन न करें। इसके बजाय पर्याप्त आराम, संतुलित खानपान और उचित हाइड्रेशन पर ध्यान दें।
मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था
नोडल अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा स्थल पर पर्याप्त चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं। मेडिकल टीम के साथ एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे तत्काल उपचार मिल सके।
इसके अलावा, मौसम और शारीरिक दबाव को देखते हुए अभ्यर्थियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को गंभीर परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
छह दिनों तक चलेगा शारीरिक दक्षता परीक्षण
मेरठ स्थित छठी वाहिनी पीएसी परिसर में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती का शारीरिक दक्षता परीक्षण करीब छह दिनों तक चलेगा। पहले दिन लगभग 900 अभ्यर्थियों को चार से पांच बैचों में मैदान में उतारा गया। प्रत्येक बैच के अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर दौड़ पूरी करनी है।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त रखा गया है। अभ्यर्थियों के अलावा बाहरी व्यक्तियों और अभिभावकों को परीक्षा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
अभ्यर्थियों से स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की अपील
शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफलता के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी तैयारी करनी होती है। ऐसे में विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि अभ्यर्थी परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन न करें।
फिलहाल मेरठ में पहले दिन सामने आए मामलों में स्वास्थ्य विभाग और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, स्टेरॉयड या प्रतिबंधित सप्लीमेंट के इस्तेमाल से संबंधित चर्चाओं की पुष्टि केवल मेडिकल जांच के बाद ही संभव होगी। इसलिए जब तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, ऐसी चर्चाओं को अपुष्ट दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

