लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध, काला फीता बांधकर जताया आक्रोश
रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। टीवी कंट्रोल इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को सोनभद्र समेत प्रदेशभर में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर अपनी मांगों के प्रति शासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान विरोध शांतिपूर्ण रहा और मरीजों से जुड़ी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से संचालित होती रहीं।
एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित इस सांकेतिक विरोध का उद्देश्य लंबे समय से लंबित कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की दिशा में शासन का ध्यान आकर्षित करना था। कर्मचारियों ने कहा कि वे लगातार अपनी समस्याओं और मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
मरीजों की सेवाएं रहीं नियमित
आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि विरोध के बावजूद मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया। संगठन के निर्णय के अनुसार ऑनलाइन कार्यों का निष्पादन नहीं किया गया, जबकि मरीजों से संबंधित जरूरी कार्य और आवश्यक सेवाएं नियमित रूप से जारी रहीं।
एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सांकेतिक विरोध के दौरान भी मरीजों की सुविधा और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस तरह कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध भी दर्ज कराया और साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता भी बनाए रखी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
विरोध कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने शासन और विभागीय अधिकारियों से लंबित मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान की मांग की।
संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे में उन्हें लगातार लंबित रखने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसलिए संबंधित विभाग और शासन स्तर पर इन मांगों की समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाना आवश्यक है।
10 वर्षों से लंबित वेतन पुनरीक्षण की मांग
एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन पुनरीक्षण लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा संगठन ने वरिष्ठता के आधार पर अतिरिक्त लॉयल्टी लाभ दिए जाने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों के अनुसार लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता और सेवा अवधि के अनुरूप प्रोत्साहन एवं लाभ मिलना चाहिए।
लैपटॉप और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग
वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय कार्यों में डिजिटल प्रणाली की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कर्मचारियों ने कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लैपटॉप तथा अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने से कर्मचारियों को ऑनलाइन और विभागीय कार्यों के निष्पादन में सुविधा मिलेगी। साथ ही कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
टर्म इंश्योरेंस के लंबित दावों का निस्तारण
कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस से संबंधित लंबित दावों के तत्काल निस्तारण की मांग भी की है। संगठन के अनुसार बीमा से जुड़े मामलों का समय पर समाधान कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए लंबित दावों की समीक्षा कर जल्द आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने इस मुद्दे को भी अपने ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल किया और संबंधित अधिकारियों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की।
रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग
इसके साथ ही संगठन ने विभिन्न जनपदों में खाली पड़े पदों को अविलंब भरने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष रिक्तियां होने से मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है।
परिणामस्वरूप कार्य की जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ सेवाओं को संचालित करने में भी अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां किए जाने से कर्मचारियों का कार्यभार संतुलित होगा और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार की संभावना है।
संगठन ने कर्मचारियों की सेवा परिस्थितियों के अनुरूप अन्य आवश्यक सुविधाएं और कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और जरूरी संसाधन मिलने से वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
संगठन ने समाधान की अपील की
सांकेतिक विरोध के दौरान सुशील द्विवेदी, शावेज़ अहमद, सतीश चंद्र सोनकर, अभिमन्यु प्रसाद दुबे, शैलेंद्र सिंह और विमल कुमार सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
एसोसिएशन ने कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा है। संगठन की प्राथमिकता है कि लंबित मांगों का वार्ता और सकारात्मक पहल के माध्यम से समाधान निकाला जाए। इसलिए शासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है।
फिलहाल, कर्मचारियों का यह सांकेतिक विरोध उनकी लंबित मांगों को लेकर असंतोष और समाधान की अपेक्षा को सामने लाता है। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि शासन एवं संबंधित अधिकारी ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए लंबित मांगों के समाधान की दिशा में जल्द कदम उठाएंगे।

