लखीमपुर खीरी में IGRS रैंकिंग में पुलिस का प्रदर्शन, फरधान थाना प्रदेश में प्रथम; पढ़िए टॉपटेन थानों की लिस्ट
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: आईजीआरएस (IGRS) रैंकिंग की मूल्यांकन रिपोर्ट में लखीमपुर खीरी पुलिस के थानों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय स्थिति सामने आई है। जिले के फरधान थाना ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं, जिले के कुल 28 थानों में से 25 थानों ने आईजीआरएस रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और पुलिस स्तर पर की जा रही कार्रवाई की स्थिति का पता चलता है।
आईजीआरएस यानी इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम के माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायतें संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इसके बाद शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी की जाती है। ऐसे में पुलिस थानों की रैंकिंग शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई से जुड़ी होती है।
फरधान थाना प्रदेश स्तर पर प्रथम
लखीमपुर खीरी के फरधान थाने ने आईजीआरएस मूल्यांकन में प्रदेश स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के पीछे शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निस्तारण पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।
फरधान थाना प्रभारी निराला तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप थाना प्रदेश की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचा।
दरअसल, आईजीआरएस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके निस्तारण की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करना है। इसलिए शिकायतों का समय पर निस्तारण और उसकी रिपोर्टिंग रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
28 में से 25 थाने पहले स्थान पर
लखीमपुर खीरी जिले के लिए इस मूल्यांकन की एक और खास बात यह रही कि कुल 28 थानों में से 25 थानों ने आईजीआरएस रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया। यानी जिले के अधिकांश थानों ने शिकायतों के निस्तारण से जुड़े मूल्यांकन में शीर्ष स्थिति प्राप्त की है।
पुलिस विभाग के स्तर पर इसे शिकायत निस्तारण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, जिले के तीन थाने अपेक्षाकृत पीछे रहे हैं। ऐसे में आने वाले मूल्यांकन में इन थानों के प्रदर्शन को बेहतर करने पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी।
इसके साथ ही, 25 थानों का प्रथम स्थान पर रहना यह दर्शाता है कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आईजीआरएस से संबंधित मामलों के निस्तारण को लेकर प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पिछले महीने कमजोर रही पलिया कोतवाली में सुधार
वहीं, जिलेवार रैंकिंग में पलिया कोतवाली 15वें स्थान पर रही। खास बात यह है कि पिछले महीने आईजीआरएस रैंकिंग में पलिया कोतवाली का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। हालांकि, इस महीने की रैंकिंग में स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।
पलिया कोतवाल शिवाजी दुबे के नेतृत्व में आईजीआरएस से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण पर ध्यान दिया गया। इसके परिणामस्वरूप पलिया कोतवाली ने जिलेवार मूल्यांकन में 15वां स्थान हासिल किया।
यह सुधार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर लगातार निगरानी की जाती है। ऐसे में किसी थाने की रैंकिंग में सुधार होने का मतलब है कि संबंधित स्तर पर शिकायतों की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रयास किए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के समाधान पर जोर
आईजीआरएस के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों में नागरिक विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित विभाग से समाधान की अपेक्षा करते हैं। पुलिस से जुड़ी शिकायतों में कार्रवाई, जांच, समस्या का समाधान और शिकायतकर्ता को स्थिति से अवगत कराने जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं।
ऐसे में थाना स्तर पर शिकायत प्राप्त होने के बाद उसकी जांच और निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध रखना जरूरी होता है। इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों की निगरानी भी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद करती है।
फरधान थाने की प्रदेश स्तर पर पहली रैंक और जिले के 25 थानों का प्रथम स्थान हासिल करना इसी प्रक्रिया से जुड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, पलिया कोतवाली की रैंकिंग में सुधार यह संकेत देता है कि पिछले मूल्यांकन के बाद शिकायत निस्तारण व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
आगे भी बेहतर प्रदर्शन की चुनौती
हालांकि, आईजीआरएस रैंकिंग में अच्छी स्थिति हासिल करने के बाद भी पुलिस विभाग के सामने इसे लगातार बनाए रखने की चुनौती रहती है। खासकर जिले के वे तीन थाने, जो इस मूल्यांकन में पीछे रहे, उनके प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
इसके लिए शिकायतों की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों की निगरानी और शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, थाना स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने से निस्तारण प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, आईजीआरएस मूल्यांकन में लखीमपुर खीरी के 28 में से 25 थानों का प्रथम स्थान हासिल करना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं, फरधान थाने का प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान और पलिया कोतवाली का पिछली रैंकिंग की तुलना में बेहतर प्रदर्शन इस मूल्यांकन की प्रमुख बातें हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में जिले के सभी थाने अपनी रैंकिंग को किस तरह बनाए रखते हैं और अपेक्षाकृत पीछे रहने वाले थानों के प्रदर्शन में कितना सुधार देखने को मिलता है।

