अमेठी में शांतनु महाराज का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन शुरू करें

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक शांतनु महाराज ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक दलों को भगवान राम के महत्व का एहसास हो रहा है। इसी दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का दावा भी किया।

शांतनु महाराज इन दिनों तिलोई में विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के यहां आयोजित श्रीराम कथा में कथा वाचन कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। हालांकि, उनके द्वारा किए गए राजनीतिक दावे उनके निजी बयान हैं और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं हैं।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

शांतनु महाराज ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर नहीं गए, वे अब रामकथा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यादव समाज सनातन परंपरा से जुड़ा हुआ है और भगवान राम के प्रति उसकी आस्था है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव यह नहीं मान सकते कि यादव समाज उनके साथ नहीं है।

शांतनु महाराज ने अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति में इस्तेमाल होने वाले एम-वाई और पीडीए जैसे समीकरणों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे प्रभावी नहीं बताया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाएगी।

योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का दावा

कथावाचक शांतनु महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता एक बार फिर उन्हें सत्ता की जिम्मेदारी सौंपेगी।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह शांतनु महाराज का राजनीतिक दावा है। किसी चुनाव के परिणाम का पूर्वानुमान निश्चित रूप से नहीं लगाया जा सकता। उत्तर प्रदेश में भविष्य की सरकार का फैसला चुनाव और उसके परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगा।

योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें मुख्यमंत्री एवं नेता सदन के रूप में दर्ज करती है।

अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन की नसीहत

शांतनु महाराज ने अपने बयान में अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव वास्तव में सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें मथुरा से श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन शुरू करना चाहिए।

उन्होंने अखिलेश यादव से देशव्यापी यात्रा निकालने की बात भी कही। साथ ही, उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से जुड़े विवाद में मंदिर निर्माण की पैरवी की और वहां मौजूद मस्जिद को हटाने की बात कही।

यह मुद्दा पहले भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। जून 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर खुलकर बोलने और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर अभियान चलाने की बात कही थी।

रामकथा के मंच से राजनीतिक बयान

तिलोई में आयोजित श्रीराम कथा धार्मिक कार्यक्रम है, लेकिन इसी मंच से शांतनु महाराज के राजनीतिक बयान सामने आने के बाद यह कार्यक्रम चर्चा में आ गया है। नौ दिवसीय कथा का आयोजन तिलोई विधायक एवं राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की ओर से कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक शांतनु महाराज द्वारा रामकथा का वाचन किया जा रहा है। हाल ही में उनके तिलोई आगमन और रामकथा आयोजन की जानकारी भी सामने आई थी।

कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी है। धार्मिक आयोजन के बीच राजनीतिक विषयों पर दिए गए बयान ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा को बढ़ा दिया है।

यादव समाज को लेकर भी कही बात

अपने बयान में शांतनु महाराज ने यादव समाज का उल्लेख करते हुए कहा कि यादव समाज सनातन परंपरा से जुड़ा हुआ है और भगवान राम के साथ खड़ा है। उन्होंने इसी संदर्भ में अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।

हालांकि, किसी भी बड़े सामाजिक समूह की राजनीतिक पसंद को लेकर एकरूप निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। अलग-अलग मतदाता अपने क्षेत्र, मुद्दों और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के आधार पर राजनीतिक निर्णय लेते हैं। इसलिए शांतनु महाराज की टिप्पणी को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक विचार के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा 2026 में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस में फिर प्रमुखता से सामने आया है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं और धार्मिक वक्ताओं की ओर से इस विषय पर बयान दिए गए हैं। ऐसे में अमेठी में शांतनु महाराज की टिप्पणी भी इसी व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।

हालांकि, इस विषय से जुड़े कानूनी और धार्मिक पहलू अलग-अलग हैं। इसलिए किसी भी राजनीतिक बयान को अंतिम तथ्य के रूप में देखने के बजाय संबंधित पक्षों के बयान और आधिकारिक कानूनी स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

तिलोई की रामकथा से सामने आया सियासी संदेश

तिलोई में चल रही रामकथा के मंच से शांतनु महाराज ने एक ओर भगवान राम और सनातन धर्म का उल्लेख किया, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव की राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोबारा सत्ता में आने का दावा करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को अपनी भूमिका स्पष्ट करने की नसीहत दी।

फिलहाल, उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज होने की संभावना है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।

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