कानपुर में हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता सेमिनार, डॉ. संतोष कुमार ने युवाओं को दी नियमित जांच की सलाह

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 रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर।कानपुर नगर में आयोजित एक जागरूकता सेमिनार में हृदय स्वास्थ्य को लेकर युवाओं और आम लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सेमिनार को संबोधित करते हुए हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच युवाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराने की सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।

डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि आज के दौर में हृदय से जुड़ी समस्याएं केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं। कम उम्र में भी लोगों में हृदय संबंधी जोखिम देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को अपने खान-पान, दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी आदतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है।

कम उम्र में हृदय स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत

सेमिनार में डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि लगभग 20 वर्ष की उम्र के बाद युवाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक जागरूक होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी स्थितियों की जानकारी शुरुआती स्तर पर मिल सकती है। इसके परिणामस्वरूप चिकित्सकीय सलाह लेकर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कई बार लोग किसी स्पष्ट परेशानी के सामने आने तक स्वास्थ्य जांच को टालते रहते हैं। हालांकि, नियमित जांच से शरीर में होने वाले संभावित बदलावों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इसलिए युवाओं को अपनी दिनचर्या में स्वास्थ्य जांच को भी आवश्यक हिस्सा बनाना चाहिए।

खान-पान में संतुलन रखना जरूरी

डॉ. संतोष कुमार ने लोगों को खान-पान में संतुलन रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए भोजन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। अत्यधिक असंतुलित खान-पान से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए लोगों को अपनी दैनिक भोजन शैली को व्यवस्थित रखने की कोशिश करनी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने नियमित शारीरिक गतिविधियों और बेहतर दिनचर्या पर भी जोर दिया। युवाओं को अपने काम और पढ़ाई के साथ-साथ शरीर को सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। नियमित गतिविधि और संतुलित जीवनशैली सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

शराब और सिगरेट से दूरी बनाने की अपील

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान हृदय रोग विशेषज्ञ ने शराब और सिगरेट के सेवन से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए नशे से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से युवाओं को ऐसी आदतों से बचना चाहिए, जो लंबे समय में उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल बीमारी का इलाज ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारी से बचाव की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए स्वस्थ खान-पान, नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली को प्राथमिकता देना जरूरी है।

ब्लड शुगर और बीपी की नियमित जांच की सलाह

डॉ. संतोष कुमार ने जागरूकता शिविर के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे नियमित अंतराल पर अपना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर जांचते रहें। उन्होंने कहा कि इन दोनों की स्थिति के बारे में जानकारी रहने से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग रह सकता है।

उन्होंने बताया कि यदि जांच के दौरान कोई असामान्यता सामने आती है तो चिकित्सक की सलाह से आगे की जांच और उपचार कराया जा सकता है। इस तरह स्वास्थ्य संबंधी संभावित समस्या की पहचान शुरुआती स्तर पर होने से समय पर चिकित्सकीय मार्गदर्शन लेने में मदद मिल सकती है।

युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर

सेमिनार में युवाओं को विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया। डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि युवावस्था में अक्सर लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ मानकर नियमित जांच को जरूरी नहीं समझते। लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना आवश्यक है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की असामान्य परेशानी को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें। साथ ही, परिवार के सदस्यों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

समय रहते जागरूकता से बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझाना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ने से लोग अपनी जीवनशैली में आवश्यक सुधार करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए व्यक्ति को अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान और नशे से दूरी जैसी आदतों को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराने की आदत विकसित करें। यदि किसी जांच में समस्या सामने आती है तो चिकित्सक की सलाह के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि हृदय स्वास्थ्य केवल बीमारी होने के बाद ध्यान देने का विषय नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहने के लिए पहले से सावधानी और जागरूकता जरूरी है। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहतर तरीके से सजग रह सकते हैं।