संतकबीरनगर में यातायात पुलिसकर्मियों को फर्स्ट-एड प्रशिक्षण, Golden Hour और CPR की दी गई जानकारी

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रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी 

संतकबीरनगर: सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संतकबीरनगर में यातायात पुलिसकर्मियों और क्रिटिकल कॉरिडोर (CC Team) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फर्स्ट-एड प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें दुर्घटना स्थल पर पहुंचने के बाद शुरुआती स्तर पर की जाने वाली आवश्यक चिकित्सकीय सहायता के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

यह प्रशिक्षण उपमहानिरीक्षक यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से जारी निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान प्रभारी यातायात परमहंस की मौजूदगी रही।

SACTEM Foundation की टीम ने दिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यातायात निदेशालय द्वारा गठित SACTEM Foundation की टीम ने पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह था कि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचने के बाद चिकित्सकीय सहायता मिलने तक घायल व्यक्ति की स्थिति को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।

इसके लिए प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया। इससे पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया देने में मदद मिल सकेगी।

Primary Survey और ABCDE की समझाई गई प्रक्रिया

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने के बाद सबसे पहले की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई के बारे में बताया गया। इसके बाद घायल व्यक्ति की Primary Survey करने की प्रक्रिया समझाई गई।

इसमें ABCDE पद्धति के माध्यम से घायल की प्रारंभिक स्थिति का आकलन करने, सांस और अन्य जरूरी संकेतों पर ध्यान देने तथा तत्काल सहायता की जरूरत को पहचानने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी घायल को बिना आवश्यकता या सही प्रक्रिया के स्थानांतरित करने से बचना चाहिए।

Cardiac Arrest और CPR की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Cardiac Arrest की स्थिति को पहचानना और जरूरत पड़ने पर CPR देने की प्रक्रिया रहा। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा समय पर दी गई सहायता जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इसके साथ ही AED यानी Automated External Defibrillator के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि AED का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।

रक्तस्राव और चोट की स्थिति में प्राथमिक उपचार

SACTEM Foundation की टीम ने अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में उसे नियंत्रित करने के प्राथमिक उपायों के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा छाती और पेट में गंभीर चोट की स्थिति में घटनास्थल पर किस तरह प्राथमिक सहायता दी जानी चाहिए, इसे भी समझाया गया।

फ्रैक्चर होने की स्थिति में घायल अंग को अनावश्यक रूप से हिलाने से बचने और सुरक्षित तरीके से प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, बेहोश लेकिन सांस ले रहे व्यक्ति को Recovery Position में रखने की प्रक्रिया भी बताई गई।

Burns और Choking में मदद के तरीके बताए

प्रशिक्षण के दौरान जलने की स्थिति में प्राथमिक उपचार से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। इसके अलावा गले में किसी वस्तु के फंसने यानी Choking की स्थिति में व्यक्ति की मदद करने के जरूरी तरीके समझाए गए।

बच्चों के लिए CPR की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का हिस्सा रही। इससे पुलिसकर्मियों को अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों के साथ आपात स्थिति में उचित तरीके से प्रतिक्रिया देने की जानकारी मिली।

दुर्घटना में हेलमेट हटाने की सुरक्षित प्रक्रिया

सड़क दुर्घटनाओं के दौरान हेलमेट पहने घायल व्यक्ति की सहायता करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान हेलमेट को सुरक्षित तरीके से हटाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों को समझाया गया कि घायल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक कार्रवाई करना जरूरी है।

Golden Hour के महत्व पर जोर

प्रशिक्षण में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान Golden Hour के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे में घायल व्यक्ति को समय पर उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

इसी वजह से पुलिसकर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने के बाद स्थिति का तेजी से आकलन करने, आवश्यक प्राथमिक सहायता देने और घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की भूमिका समझाई गई।

सड़क सुरक्षा में पुलिस की भूमिका होगी मजबूत

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्राथमिक उपचार की जानकारी देना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पुलिस की आपात प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना भी है। यातायात पुलिस और क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के कर्मचारी अक्सर दुर्घटना स्थलों पर शुरुआती स्तर पर पहुंचने वाले प्रमुख लोगों में शामिल होते हैं। ऐसे में उन्हें प्राथमिक चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से जरूरत के समय बेहतर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

संतकबीरनगर में आयोजित इस प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों को सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ अन्य आपात परिस्थितियों में भी शुरुआती सहायता देने की समझ विकसित हुई। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि समय पर प्राथमिक उपचार, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षित तरीके से चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना आपातकालीन प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस पहल से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों को शुरुआती स्तर पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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