अमेठी मैराथन 2026 में दीपक पाल और फूलन पाल ने जीता खिताब, 540 धावकों ने लगाई दौड़
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
अमेठी: युवाओं में खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमेठी में आयोजित अमेठी मैराथन 2026 में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी डॉ. अमीता सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर रविवार को आयोजित 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में कुल 540 धावकों ने प्रतिभाग किया। पुरुष वर्ग में दीपक पाल और महिला वर्ग में फूलन पाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर मौजूद खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना रहा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने दौड़ में हिस्सा लेकर खेल और स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई।
सुबह 6:30 बजे शुरू हुई 21 किलोमीटर की दौड़
‘अमेठी मैराथन 2026’ का आयोजन राजर्षि रणंजय सिंह जनकल्याण समिति की ओर से किया गया। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन की शुरुआत सुबह 6:30 बजे मिश्रौली स्थित स्वामी शांतानंद पुजारी इंटर कॉलेज से हुई।
प्रतिभागियों ने निर्धारित मार्ग पर दौड़ पूरी की और इसके बाद श्री आसलदेव इंटर कॉलेज, पीपरपुर में पहुंचे। यहीं पर पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मैराथन में अलग-अलग क्षेत्रों से आए धावकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए खेल जगत से जुड़े कई प्रमुख चेहरे भी मौजूद रहे। पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ओलंपियन सुधा सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पंकज सिंह, एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता नौकायन खिलाड़ी सलमान खान और राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग खिलाड़ी रुचि सिंह ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमीता सिंह ने की। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह मुख्य संरक्षक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहे। जिलाधिकारी शशांक चौधरी मुख्य अतिथि और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता राजकुमारी आकांक्षा सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
दीपक पाल और फूलन पाल ने हासिल किया पहला स्थान
मैराथन के पुरुष वर्ग में दीपक पाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके बाद सचिन कुमार दूसरे और उमेश प्रजापति तीसरे स्थान पर रहे। सुभाष यादव ने चौथा और मो. दानिश ने पांचवां स्थान हासिल किया।
इसके अलावा अमन सिंह छठे, सोनू कश्यप सातवें, अमित सिंह आठवें, महेश यादव नौवें और विपिन यादव दसवें स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में फूलन पाल ने प्रथम स्थान हासिल किया। श्रेया दूसरे और अन्नू पाल तीसरे स्थान पर रहीं। बौद्ध ने चौथा और प्राची वर्मा ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं रागिनी छठे, किरन सातवें, कोमल यादव आठवें, श्रेयांशी सिंह नौवें और चांदनी यादव दसवें स्थान पर रहीं।
इस तरह दोनों वर्गों के शीर्ष खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और तैयारी का प्रदर्शन किया। साथ ही, अन्य प्रतिभागियों ने भी 21 किलोमीटर की पूरी दौड़ पूरी कर खेल भावना का परिचय दिया।
विजेताओं को मिली पुरस्कार राशि
मैराथन के दोनों वर्गों में विजेता खिलाड़ियों के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए थे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं द्वितीय स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को 31 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 21 हजार रुपये प्रदान किए गए।
चौथे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा पांचवें से दसवें स्थान तक आने वाले खिलाड़ियों को पांच-पांच हजार रुपये, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण के दौरान खिलाड़ियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल रहा। आयोजन में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवाओं को नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।
गांवों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अमीता सिंह ने अपने खेल जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1982 एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतना उनके जीवन का स्वर्णिम पल रहा है। उन्होंने खेलों को युवाओं के सर्वांगीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत उन्हें उचित मंच और अवसर देने की है।
डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि अमेठी के गांवों से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिले। उन्होंने सुधा सिंह, पंकज सिंह, सलमान खान और रुचि सिंह जैसी प्रतिभाओं का उदाहरण देते हुए युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने स्मार्ट गांव विकसित करने की परिकल्पना भी साझा की।
उन्होंने अमेठी मैराथन को केवल दौड़ प्रतियोगिता के बजाय स्वस्थ, सशक्त और विकसित अमेठी के निर्माण से जोड़ते हुए युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
खेलों से जुड़ने का संदेश
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह ने कहा कि अमेठी की मिट्टी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को अवसर और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके मुताबिक, इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने में मदद करते हैं।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पंकज सिंह ने अमेठी से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने को अपने लिए गर्व का विषय बताया। वहीं, ओलंपियन सुधा सिंह ने खिलाड़ियों से कठिन परिश्रम और अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने खेलों के सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन विकसित करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने का मंच देते हैं। वहीं एसपी सरवणन टी. ने कहा कि मैराथन में केवल प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला खिलाड़ी ही सफल नहीं होता, बल्कि 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने वाला प्रत्येक प्रतिभागी अपने स्तर पर उपलब्धि हासिल करता है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से नशे से दूर रहने और खेलों से जुड़ने की अपील की गई। इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए नियमित खेल गतिविधियों को अपनाने का संदेश दिया गया।
कुल मिलाकर, अमेठी मैराथन 2026 ने जिले के युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई। 540 धावकों की भागीदारी और खेल जगत से जुड़े अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बनाया। अब इस आयोजन से प्रेरणा लेकर स्थानीय स्तर पर कितनी नई खेल प्रतिभाएं आगे आती हैं, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।

