सलैयाडीह में आदिवासी-मूल निवासी एकता समागम, चारों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। कोन ब्लॉक के सलैयाडीह गांव में रविवार को करमा पूजन एवं आदिवासी-मूल निवासी एकता समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सोनांचल संघर्ष वाहिनी (सोसंवा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रोशन लाल यादव ने आदिवासी, दलित और मूल निवासी समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लेकर संगठन अपना संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन शुरू करने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान करमा पूजन के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सोनांचल क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी, दलित और मूल निवासी समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को लेकर अपनी बातें रखीं। वहीं, कार्यक्रम में स्थानीय अधिकारों, रोजगार, सड़क और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।
आदिवासी, दलित और मूल निवासियों के मुद्दे उठाने का दावा
जनसभा को संबोधित करते हुए रोशन लाल यादव ने कहा कि सोनांचल के आदिवासियों, दलितों और मूल निवासियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन इन समुदायों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने क्षेत्र की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल अभी भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय युवाओं को क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
रोशन लाल यादव ने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना जरूरी है। उनका कहना था कि सोनभद्र जैसे संसाधन संपन्न क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों के हितों को विकास की प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी
समागम में जल, जंगल और जमीन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। रोशन लाल यादव ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो इन मुद्दों को लेकर संगठन बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन करेगा।
उन्होंने स्थानीय लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्रीय समस्याओं के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि संगठन आदिवासी, दलित और मूल निवासी समाज को एक मंच पर लाकर उनके अधिकारों से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
चारों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
कार्यक्रम में सोनांचल संघर्ष वाहिनी की आगामी राजनीतिक रणनीति का भी ऐलान किया गया। रोशन लाल यादव ने कहा कि संगठन आगामी विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की चारों विधानसभा सीटों पर अपने चुनाव चिह्न के साथ प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र की समस्याओं, रोजगार, सड़क, स्थानीय अधिकार और जल-जंगल-जमीन जैसे विषयों को चुनावी विमर्श में प्रमुखता से रखा जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब सोनभद्र में स्थानीय विकास और संसाधनों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बने हुए हैं। हालांकि, संगठन की ओर से चारों सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नाम या विस्तृत चुनावी रणनीति की जानकारी कार्यक्रम में नहीं दी गई।
मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवाल
समागम के दौरान रोशन लाल यादव ने मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया और इसे मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
हालांकि, मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में हटाए जाने संबंधी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे रोशन लाल यादव द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव की आधिकारिक जानकारी संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात
रोशन लाल यादव ने कहा कि सोनांचल संघर्ष वाहिनी आदिवासियों, दलितों और मूल निवासियों को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य क्षेत्रीय समस्याओं को सामने लाना और स्थानीय लोगों की आवाज को मजबूत करना है।
उन्होंने स्थानीय युवाओं के रोजगार के सवाल को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।
करमा पूजन के साथ सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम में करमा पूजन के माध्यम से सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। इसके अलावा आदिवासी और मूल निवासी समाज की भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सामूहिक रूप से अपनी बात रखी।
समागम के आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य सामाजिक एकजुटता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाना है। इसी क्रम में जल, जंगल और जमीन, रोजगार तथा ग्रामीण विकास जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
कार्यक्रम में चंद्र देव चेरो, शंकर गोंड, बलवंत यादव, अन्नू खान, दशमी चेरो, रामदुलार गोंड, दशमी गोंड, रजवंती चेरो, सिताबी गोंड, सलमान, विकास मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पडरछ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव ने किया।
कुल मिलाकर, सलैयाडीह में आयोजित करमा पूजन एवं आदिवासी-मूल निवासी एकता समागम में सामाजिक अधिकारों, स्थानीय विकास और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, सोनांचल संघर्ष वाहिनी द्वारा सोनभद्र की चारों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

