सोनभद्र में सपा की साइकिल रैली, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग; SIR पर उठाए सवाल

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रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सोनभद्र नगर में साइकिल रैली निकालकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया जाना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।

साइकिल रैली के दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और नारों के साथ सड़क पर नजर आए। कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में प्रारूप-6 के कथित दुरुपयोग के माध्यम से कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।

सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के मत का महत्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें जीवित लोगों को मतदाता सूची में मृत दर्शाए जाने की बात कही जा रही है। यादव ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से सूची से हट जाता है तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को मतदान के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार देता है। इसलिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से नहीं हटाया जाए।

दलित मतदाताओं के नाम हटाने का भी आरोप

सपा नेता सरोज भारती ने मतदाता सूची में दलित समाज के लोगों के नामों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में दलित समाज के मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची केवल चुनावी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए।

सरोज भारती ने कहा कि यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर हो जाता है तो उसका असर सीधे उसके मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन और चुनाव से जुड़े अधिकारियों को ऐसी शिकायतों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने भी जताई चिंता

समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी और सुरेश अग्रहरी ने भी मतदाता सूची के मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक नाम को लेकर उचित सत्यापन किया जाना चाहिए। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

संविधान की रक्षा का लिया संकल्प

साइकिल रैली के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प भी लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी मतदान के अधिकार से सुनिश्चित होती है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आने पर उसका निष्पक्ष समाधान होना चाहिए।

सपा नेताओं ने कहा कि उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से है और वे मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर लोगों के बीच जो भी आशंकाएं हैं, उन्हें दूर करने के लिए चुनाव आयोग और प्रशासन को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

साइकिल रैली और प्रदर्शन में सपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें राजमणि पटेल, मनीष केडिया, अशोक केवट, गोपाल गुप्ता, दिनेश शर्मा और मोहन बैसवार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना जरूरी है।

फिलहाल, सोनभद्र में सपा की यह साइकिल रैली मतदाता सूची और SIR को लेकर पार्टी के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा रही। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा पर जोर दिया है। दूसरी ओर, मतदाता सूची से जुड़े लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित चुनाव अधिकारियों के आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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