कुशीनगर में पुलिस ने बरामद किए 109 गुम मोबाइल, ASP ने मालिकों को लौटाए फोन
रिपोर्ट – शैलेंद्र गुप्ता
कुशीनगर: जिले में मोबाइल फोन गुम होने की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कुशीनगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सर्विलांस सेल और संबंधित थानों की संयुक्त टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 109 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 21 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार किए गए प्रयासों के बाद बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे गए। पुलिस कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों में खुशी देखने को मिली।
CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से मिली मदद
मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसे दोबारा हासिल करने में Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुशीनगर पुलिस ने इसी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को आधार बनाकर तकनीकी सर्विलांस के जरिए मोबाइल फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की।
शिकायतों में दर्ज मोबाइल के विवरण और तकनीकी जानकारी के आधार पर सर्विलांस सेल ने संबंधित टीमों के साथ मिलकर फोन की तलाश की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल केवल कुशीनगर जिले से ही नहीं, बल्कि अन्य जनपदों और दूसरे राज्यों से भी प्राप्त हुए हैं। इससे पता चलता है कि तकनीकी माध्यमों की मदद से गुम मोबाइल की लोकेशन और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी को ट्रेस करने में पुलिस को मदद मिली।
109 मोबाइल फोन किए गए बरामद
कुशीनगर पुलिस की कार्रवाई में कुल 109 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन सभी मोबाइल की कुल कीमत करीब 21.80 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद मोबाइलों में अलग-अलग कंपनियों के फोन शामिल हैं।
इनमें REALME, VIVO, OPPO, REDMI और SAMSUNG समेत कई प्रमुख मोबाइल ब्रांड शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन में VIVO कंपनी के 31 फोन शामिल हैं, जो बरामद मोबाइलों में सबसे अधिक संख्या है।
इसके अलावा अन्य कंपनियों के मोबाइल फोन भी पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से बरामद किए हैं। प्रत्येक मोबाइल की पहचान और संबंधित शिकायत के आधार पर उसे उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
सर्विलांस सेल और थानों की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में कुशीनगर पुलिस की सर्विलांस सेल के साथ संबंधित थानों की पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उसके बारे में जानकारी जुटाई गई।
इसके बाद मोबाइल फोन के इस्तेमाल और तकनीकी संकेतों के आधार पर उन्हें ट्रेस करने का प्रयास किया गया। जब मोबाइल फोन बरामद हुए तो उनकी पहचान संबंधित शिकायतों से मिलान कराई गई। इस प्रक्रिया के बाद पुलिस ने फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों के निर्देश पर सर्विलांस सेल और संबंधित थानों की टीमों ने मिलकर मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
ASP ने स्वामियों को सौंपे उनके मोबाइल
बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने के लिए पुलिस कार्यालय के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने लोगों को उनके बरामद मोबाइल फोन सौंपे।
मोबाइल वापस मिलने के बाद स्वामियों ने पुलिस की कार्रवाई पर खुशी जताई। कई लोगों के लिए लंबे समय बाद अपना फोन वापस मिलना राहत की बात रही। मोबाइल फोन आज के समय में व्यक्तिगत संपर्क, डिजिटल भुगतान, जरूरी दस्तावेजों और अन्य दैनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में फोन गुम होने के बाद उसकी वापसी लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होती है।
तकनीकी सर्विलांस से पुलिस को मिली सफलता
कुशीनगर पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल देखने को मिला। पारंपरिक पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया।
विशेष रूप से CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस ने गुम मोबाइलों की जानकारी को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक किया। इसके बाद संबंधित टीमों के सहयोग से अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन बरामद किए गए।
इस कार्रवाई की खास बात यह भी रही कि बरामद मोबाइलों का दायरा केवल कुशीनगर जिले तक सीमित नहीं रहा। पुलिस के अनुसार, कई मोबाइल दूसरे जनपदों और अन्य राज्यों से भी बरामद किए गए।
मोबाइल गुम होने पर शिकायत दर्ज कराना जरूरी
मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में लोगों के लिए जरूरी है कि वे इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने में दें और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार CEIR पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल का IMEI नंबर, बिल या अन्य उपलब्ध विवरण शिकायत में देना फोन की पहचान और उसे ट्रेस करने की प्रक्रिया में उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया तकनीकी जांच और उपलब्ध सूचनाओं पर निर्भर करती है। इसलिए शिकायत के बाद पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच में सही जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
109 लोगों को मिली राहत
कुशीनगर पुलिस द्वारा बरामद किए गए 109 मोबाइल फोन को उनके स्वामियों तक पहुंचाने से उन लोगों को राहत मिली है, जिन्होंने मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब 21.80 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन की बरामदगी पुलिस की तकनीकी निगरानी और टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताई जा रही है।
कुल मिलाकर, कुशीनगर पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि CEIR पोर्टल और तकनीकी सर्विलांस का प्रभावी इस्तेमाल गुम मोबाइल फोन की बरामदगी में मददगार हो सकता है। पुलिस की ओर से मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे जाने से शिकायतकर्ताओं को राहत मिली है।

