जालौन में शिकायतों के बाद CMO का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर औचक निरीक्षण, तीन दिन में सुधार के निर्देश

15c67a77-af07-4764-abd9-189ffd47215b

रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

जालौन: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में जालौन के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिनदन प्रसाद ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। इस पर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

सीएमओ का यह निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की शिकायतों के बाद किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखा गया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। इस दौरान कई ऐसी कमियां मिलीं, जिन्हें लेकर सीएमओ ने जिम्मेदार कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए।

फायर सिलेंडर में नहीं मिली गैस

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी खामी भी सामने आई। सीएमओ ने जब फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति देखी तो फायर सिलेंडर में गैस नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फायर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग से बचाव के उपकरणों का सही स्थिति में रहना महत्वपूर्ण है। इसलिए सीएमओ ने इस मामले में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की जांच कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार रखा जाए।

शौचालय खराब, परिसर में मिली गंदगी

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था में भी कमी पाई गई। सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वच्छ वातावरण मिलना जरूरी है। इसलिए शौचालयों की मरम्मत के साथ-साथ नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को अपनी भूमिका गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए।

डॉक्टरों को समय से OPD में बैठने के निर्देश

सीएमओ डॉ. हरिनदन प्रसाद ने निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की ओपीडी व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्धारित समय पर ओपीडी में बैठने और मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। खासकर जरूरतमंद और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इसके साथ ही अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को लेकर भी सीएमओ ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी गेट हमेशा खुला रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल के अंदर पहुंचाने में परेशानी न हो।

भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन व्यवस्था शुरू कराने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान भर्ती गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सीएमओ ने ध्यान दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू कराने के निर्देश दिए।

सीएमओ ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा महिला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में कुर्सी और स्टूल की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए गए।

बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने को कहा

सीएमओ ने अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य अस्पताल में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और जिम्मेदारी तय करना है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर भी दुरुस्त दिखाई देनी चाहिए। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का समय से पालन करना होगा।

तीन दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की समय सीमा

निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन की समय सीमा दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अवधि में अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर किया जाए।

सीएमओ ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

जालौन में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद किए गए इस औचक निरीक्षण को विभाग की निगरानी व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि निर्धारित तीन दिनों के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।

दरअसल, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उपचार के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता, साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी व्यवस्था और मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं सुचारु रहना महत्वपूर्ण है।

सीएमओ डॉ. हरिनदन प्रसाद ने निरीक्षण के दौरान इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे की निगरानी और कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

You may have missed