मेरठ के काशी गांव में नशे के कारोबार के आरोपों पर महिलाओं का थाने में प्रदर्शन, पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: थाना परतापुर क्षेत्र की 4C चौकी के अंतर्गत आने वाले काशी गांव में कथित अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने परतापुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने गांव में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए पुलिस से कार्रवाई की अपील की।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कुछ लोग लंबे समय से अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। इसके कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं का कहना है कि नशे के कारण आए दिन विवाद और असामाजिक गतिविधियों की स्थिति बनती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
महिलाओं ने थाने पहुंचकर रखी शिकायत
सोमवार को काशी गांव की कई महिलाएं और ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर परतापुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने गांव में कथित अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री का मुद्दा उठाया।
महिलाओं का कहना था कि गांव में कुछ स्थानों पर दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। उनका आरोप है कि शराब और नशीले पदार्थों के सेवन के बाद कुछ लोग रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं और युवतियों से अभद्र व्यवहार करते हैं। इससे ग्रामीणों में असुरक्षा और नाराजगी का माहौल है।
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच कर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
देवेंद्र नाम के युवक पर लगाए आरोप
शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं ने देवेंद्र नाम के एक युवक पर अवैध शराब बेचने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का दावा है कि उसके साथ कुछ अन्य लोग और रिश्तेदार भी इस गतिविधि में शामिल हैं।
स्थानीय निवासी महिला बबिता ने आरोप लगाया कि उनके घर के आसपास ही शराब की बिक्री की जाती है। उनका कहना है कि देर रात तक वहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है और नशे में कुछ लोग आसपास के घरों के दरवाजे तक पहुंच जाते हैं।
बबिता के मुताबिक, जब ग्रामीण इस गतिविधि का विरोध करते हैं तो कथित रूप से उनके साथ विवाद और अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने पुलिस पर भी उठाए सवाल
शिकायत करने पहुंचीं महिलाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जब उन्होंने कथित अवैध शराब कारोबार का विरोध किया तो उन्हें यह कहकर डराने की कोशिश की गई कि पुलिस से उनकी मिलीभगत है और उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
हालांकि, पुलिस से मिलीभगत का यह आरोप ग्रामीणों के बयान पर आधारित है। पुलिस ने इस संबंध में किसी तरह की मिलीभगत की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महिलाओं ने कहा कि यदि गांव में कथित अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में नियमित निगरानी और कार्रवाई की मांग की है।
बच्चों को लेकर भी ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीणों ने गांव में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर बच्चों को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि यदि ऐसी गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर युवा पीढ़ी पर पड़ सकता है।
महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन के खिलाफ अभियान चलाया जाए। इसके अलावा, संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच करने की भी मांग की गई।
पुलिस ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि 4C चौकी क्षेत्र और काशी गांव में अवैध शराब तथा नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
थाना प्रभारी के मुताबिक, जांच में यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ अवैध गतिविधियों में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि किसी भी असामाजिक गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
जांच के बाद साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल काशी गांव में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर ग्रामीणों की शिकायत सामने आई है। दूसरी ओर, पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेकर जांच शुरू करने की बात कही है। ऐसे में अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि गांव में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। साथ ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए जहां संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आने पर पुलिस के लिए भी प्रभावी निगरानी और त्वरित जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की शिकायतों को दर्ज कर निष्पक्ष जांच करना भी जरूरी है।
काशी गांव के ग्रामीणों ने फिलहाल पुलिस के सामने अपनी शिकायत रख दी है। अब जांच के परिणाम और पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

