सोनभद्र में चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी समेत तीन गिरफ्तार, लोहे का सामान और ऑटो बरामद
रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चोरी की वारदात में शामिल दो आरोपी और चोरी का सामान खरीदने वाला एक कबाड़ी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया लोहे का सामान तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 317(4) की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को ग्राम गोरारी निवासी बसन्तु ने एक युवक को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया था। युवक की पहचान विशाल उर्फ मोनू के रूप में हुई। उसके पास ऑटो संख्या UP64CT1815 मौजूद था। आरोप है कि विशाल उनके घर में घुसकर लोहे का सामान ऑटो में लादकर ले जाने का प्रयास कर रहा था। इसके बाद ग्रामीण ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
निर्माणाधीन मकान से भी चोरी का मामला सामने आया
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को गोरारी गांव में निर्माणाधीन मकान से लोहे की रिंग, सरिया, सीमेंट और रोशनदान चोरी होने की एक अन्य घटना के बारे में जानकारी मिली। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच आरोपियों की संभावित संलिप्तता की पड़ताल की। पूछताछ और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की।
इसके बाद रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने विशाल उर्फ मोनू, कामेश्वर उर्फ बबलू और कबाड़ी अमित कुमार बिन्द को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि अमित कुमार बिन्द पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस ने चोरी के सामान को खपाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले माध्यम की भी जानकारी जुटाई।
कबाड़ी की दुकान से करीब 25 किलो लोहे का सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक, विशाल उर्फ मोनू की निशानदेही पर कबाड़ी अमित कुमार बिन्द की दुकान से करीब 25 किलोग्राम लोहे का सामान बरामद किया गया। बरामद सामान में करीब आठ किलो लोहे की रिंग, दो सरिया, सरिया के टुकड़े, दो रम्बा, टेम्पू का जोका और तीन लोहे के पाइप शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए गए ऑटो को भी बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि ऑटो का इस्तेमाल चोरी किए गए लोहे के सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए किया गया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल विशाल उर्फ मोनू और कामेश्वर उर्फ बबलू के खिलाफ पूर्व में भी चोरी सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
वहीं, चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद सामान के अलावा कहीं अन्य चोरी का सामान भी खरीदा या बेचा गया था या नहीं। इसके लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ संबंधित स्थानों की जानकारी भी जुटा रही है।
दो मामलों में बढ़ाई गईं BNS की धाराएं
पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और 317(4) की बढ़ोतरी की गई है। बरामद सामान और ऑटो को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज पुलिस की कार्रवाई को चोरी की घटनाओं के खुलासे से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में की गई। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल हेमन्त बारी, हेड कांस्टेबल विष्णु शंकर उपाध्याय और कांस्टेबल सत्येन्द्र कुमार शामिल रहे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की विवेचना जारी है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की इन घटनाओं में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई देती है या चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। इससे चोरी की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

