सोनभद्र: राजकीय इंटर कॉलेज झारोकला का भवन 15 दिसंबर तक पूरा कराने के डीएम ने दिए निर्देश

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रिपोर्ट- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। दुद्धी क्षेत्र के झारोकला में निर्माणाधीन राजकीय इंटर कॉलेज के भवन निर्माण कार्य में धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन विद्यालय भवन का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और हर हाल में 15 दिसंबर तक राजकीय इंटर कॉलेज झारोकला के भवन का निर्माण पूरा कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर चल रहे विभिन्न कार्यों को बारीकी से देखा। उन्होंने निर्माण की गति, मौके पर उपलब्ध श्रमिकों और मिस्त्रियों की संख्या तथा कार्य की प्रगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसी को पर्याप्त संख्या में श्रमिक और मिस्त्री लगाकर कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि विद्यालय भवन का निर्माण विद्यार्थियों की शिक्षा से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए इसमें अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कहा कि कार्य की गति बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर उसके अनुसार लगातार काम किया जाए। साथ ही, निर्माण स्थल पर पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर काम की गति प्रभावित न हो।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिसंबर तक भवन निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ लिया जाए। इसके लिए निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और प्रत्येक चरण की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

निर्माण सामग्री की होगी थर्ड पार्टी जांच

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन के निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए निर्माण सामग्री समेत अन्य आवश्यक सामग्री की थर्ड पार्टी जांच कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भवन लंबे समय तक उपयोग में रहे और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके, इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण सामग्री की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाए। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो उसकी जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की होगी।

इसके अलावा, उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि समय-समय पर मौके का निरीक्षण कर प्रगति की रिपोर्ट तैयार की जाए और यदि किसी स्तर पर काम प्रभावित हो रहा है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भवन निर्माण में तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन हो। इस प्रकार प्रशासन की प्राथमिकता भवन को जल्द पूरा कराने के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना है।

छात्राओं से संवाद कर जानी शिक्षण व्यवस्था

निर्माणाधीन राजकीय इंटर कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय झारोकला का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा शिक्षण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने छात्राओं से उनकी कक्षाओं, पढ़ाई के विषयों और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, विद्यालय में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए, जिससे छात्राओं को अपनी पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन मिले और वे बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल कर सकें।

जिलाधिकारी ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार मार्गदर्शन देने तथा उनकी प्रगति पर नियमित नजर रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और निर्धारित मानकों का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए।

इस दौरान प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि राजकीय इंटर कॉलेज झारोकला के भवन निर्माण को तय समयसीमा में पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, निर्माण सामग्री की थर्ड पार्टी जांच के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाएगा।