जालौन में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों का कार्य बहिष्कार, कोंच में धरना
रिपोर्ट- मो. अकरम
जालौन/कोंच। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच तहसील में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित इस धरने के दौरान लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कोंच के उप जिलाधिकारी अभिनव कुमार को सौंपा गया।
लेखपाल संघ के पदाधिकारी और सदस्य कोंच तहसील परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। लेखपालों का कहना है कि उनकी सेवा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान अभी तक नहीं हो सका है, जिसके कारण उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज
धरने के दौरान लेखपाल संघ ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें सबसे प्रमुख मांग वेतन विसंगति दूर करने और 2800 ग्रेड पे लागू किए जाने की रही। लेखपालों ने कहा कि वेतन संबंधी विसंगतियों के समाधान के साथ ही ग्रेड पे से जुड़ी मांग पर भी शासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
इसके अलावा लेखपालों ने लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि पदोन्नति से संबंधित मामलों के लंबित रहने से कर्मचारियों को सेवा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पदोन्नति प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार जल्द आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।
इसी क्रम में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। लेखपाल संघ ने कहा कि स्थानांतरण से संबंधित मामलों का भी नियमानुसार निस्तारण किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी परिस्थितियों के अनुसार उचित अवसर मिल सके।
भत्तों में बढ़ोतरी और डिजिटल संसाधनों की मांग
लेखपाल संघ ने अपने ज्ञापन में विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। लेखपालों का कहना है कि वर्तमान समय में राजस्व संबंधी कार्यों में तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को काम करने के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
इसी के तहत लेखपालों ने लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों में ऑनलाइन प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड का महत्व बढ़ गया है। इसलिए कर्मचारियों को पर्याप्त तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने से सरकारी कार्यों के निस्तारण में भी सुविधा हो सकती है।
लेखपाल संघ ने शासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान किए जाने की अपेक्षा जताई है। प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब इनके निस्तारण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
एसडीएम को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने कोंच के उप जिलाधिकारी अभिनव कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने आठ सूत्रीय मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ज्ञापन को शासन तक पहुंचाकर लंबित मामलों के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, धरने के कारण तहसील परिसर में लेखपाल संघ के सदस्यों की मौजूदगी रही। प्रदर्शन के दौरान संघ ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और शासन से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
लेखपाल संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। संघ की ओर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है। हालांकि, फिलहाल संगठन ने शासन से वार्ता और मांगों के समाधान की उम्मीद जताई है।
लेखपाल राजस्व विभाग की स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भूमि संबंधी रिकॉर्ड, राजस्व कार्यों और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लेखपालों की जिम्मेदारियां रहती हैं। ऐसे में उनकी सेवा संबंधी मांगों का असर विभागीय कामकाज से भी जुड़ा होता है। इसी वजह से संघ अपनी मांगों को लेकर शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय की मांग कर रहा है।
कोंच तहसील परिसर में आयोजित धरना इसी क्रम में लेखपाल संघ के आंदोलन का हिस्सा रहा। अब संघ की नजर शासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर है। यदि मांगों को लेकर कोई निर्णय होता है तो उससे आगे की आंदोलन की रणनीति भी प्रभावित हो सकती है।
धरने के दौरान लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष चंद्रप्रकाश साहू ने भी संगठन की मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लेखपालों की लंबित समस्याओं का समाधान जल्द होना चाहिए। संघ ने शासन से आठ सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

