कानपुर में केशव मौर्य का बड़ा दावा: 2027 में फिर बनेगी भाजपा सरकार, अखिलेश के PDA पर साधा निशाना
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।
उपमुख्यमंत्री का कानपुर दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कार्यक्रमों के तहत हुआ। इससे पहले उनके 2 अक्टूबर को कानपुर पहुंचने और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करने का कार्यक्रम निर्धारित था। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक और सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम में सहभागिता की।
2027 में भाजपा सरकार बनने का दावा
कानपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनेगी। उन्होंने इसे भाजपा की तीसरी सरकार के रूप में पेश किया। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के मतदान और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री का यह बयान भी इसी व्यापक राजनीतिक माहौल के बीच आया है। स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रमुख दल चुनावी रणनीति को लेकर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।
अखिलेश यादव के PDA पर केशव मौर्य का हमला
बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के PDA को लेकर कहा कि इसका अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ है। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
मौर्य ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का PDA गुंडों, अपराधियों, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाला मंच है। ये आरोप उपमुख्यमंत्री ने राजनीतिक बयान के तौर पर लगाए हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर भाजपा की राजनीति और सरकार को लेकर प्रतिवाद किया जाता रहा है।
इस प्रकार, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक विमर्श में PDA एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक एजेंडे को जनता के सामने रखने की तैयारी में हैं।
राकेश सचान को लेकर भी आया बयान
कानपुर दौरे के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर मौर्य ने दावा किया कि अखिलेश यादव उनसे मिले थे और भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, इस दावे के संबंध में उन्होंने सार्वजनिक बातचीत के दौरान विस्तृत जानकारी या कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार राकेश सचान ने अखिलेश यादव से हुई मुलाकात को सामान्य मुलाकात बताया था और इसे राजनीतिक रूप से देखने से इनकार किया था।
इसलिए इस पूरे मामले में अलग-अलग नेताओं के बयानों को उनके राजनीतिक संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। राकेश सचान और अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर सामने आए बयानों ने हालांकि उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
सपा पर 2047 तक सत्ता से बाहर रहने का दावा
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी को लेकर आगे भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि 2027 तो छोड़िए, 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आने वाली है।
इसके साथ ही उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद सपा की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी सैफई की ओर प्रस्थान करती दिखाई देगी। यह बयान भी मौर्य की राजनीतिक टिप्पणी है और इसे भविष्यवाणी के बजाय उनके चुनावी दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दल और उनके नेता आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए लगातार जनसभाओं, संवाद कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
सेवा संकल्प अभियान में पहुंचे डिप्टी सीएम
केशव प्रसाद मौर्य कानपुर में सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार 2 अक्टूबर को उनके कानपुर दौरे में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद, विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक तथा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम में सहभागिता शामिल थी।
प्रदेश में इन दिनों सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है।
कानपुर दौरे से बढ़ी सियासी हलचल
कुल मिलाकर, केशव प्रसाद मौर्य के कानपुर दौरे में सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति भी प्रमुख चर्चा का विषय रही। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति, सपा के PDA और नेताओं के बीच मुलाकातों को लेकर पूछे गए सवालों पर उपमुख्यमंत्री ने खुलकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा।
हालांकि, चुनावी परिणाम अभी भविष्य की बात है। इसलिए 2027 को लेकर नेताओं की ओर से किए जा रहे दावों और राजनीतिक बयानों का अंतिम मूल्यांकन मतदाताओं के निर्णय और आधिकारिक चुनाव परिणाम के बाद ही संभव होगा। फिलहाल कानपुर में केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में बयानबाजी को और तेज कर दिया है।कानपुर

