गांधी जयंती पर कानपुर में 51वीं सेवा-सद्भाव यात्रा, ग्रामीण बैंक कर्मचारियों ने उठाए चार प्रमुख मुद्दे

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रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर। गांधी जयंती के अवसर पर ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन की कानपुर नगर इकाई की सेवानिवृत्त समिति एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 51वीं सेवा-सद्भाव यात्रा का आयोजन किया गया। गांधी प्रतिमा, फूलबाग, कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विभिन्न बैंकिंग एवं ग्रामीण बैंक कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा आयोजित की गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सगुण शुक्ला ने किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और नीति निर्धारकों का ध्यान ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था, सेवानिवृत्त बैंकर्स की पेंशन तथा अस्थायी कर्मचारियों से जुड़े विषयों की ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने इन मुद्दों पर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा।

गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद हुई प्रार्थना सभा

कार्यक्रम की शुरुआत गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए सेवा, सद्भाव और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संवाद का संदेश दिया। इस अवसर पर संगठन की ओर से कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और बैंकिंग कर्मचारियों से जुड़े लंबित विषयों के समाधान के लिए नीतिगत स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

राष्ट्रीय प्रवक्ता सगुण शुक्ला ने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर संगठन की ओर से शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा के माध्यम से सरकार और नीति निर्धारकों तक चार प्रमुख मुद्दे पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

पांच दिवसीय साप्ताहिक बैंकिंग सेवा लागू करने की मांग

संगठन की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय साप्ताहिक बैंकिंग सेवा से संबंधित नीति को लागू करना शामिल रहा। सगुण शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2024 में पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा को लेकर बनी सहमति के अनुरूप नीति को प्रभावी किए जाने की आवश्यकता है।

संगठन का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों से जुड़े कार्य-समय और साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में संबंधित नीति को लागू किए जाने से कर्मचारियों को निर्धारित कार्य व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

सेवानिवृत्त बैंकर्स की पेंशन व्यवस्था में अपडेट की मांग

दूसरे प्रमुख मुद्दे के रूप में सेवानिवृत्त बैंकर्स की पेंशन नीति को उठाया गया। संगठन ने 10 लाख से अधिक सेवानिवृत्त बैंकर्स की पेंशन व्यवस्था में अपडेशन से संबंधित निर्धारित नीति को प्रभावी किए जाने की मांग की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त बैंकर्स ने अपने सेवाकाल के दौरान बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया है। इसलिए उनकी पेंशन से जुड़े नीतिगत विषयों पर सरकार एवं संबंधित संस्थाओं द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।

ग्रामीण बैंकों के एकीकरण की मांग

तीसरे प्रमुख मुद्दे के तौर पर देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यरत ग्रामीण बैंकों को एकीकृत कर भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की मांग रखी गई। संगठन ने इसे “एक राष्ट्र-एक संस्था” की नीति के रूप में लागू करने की मांग की।

सगुण शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण भारत की बड़ी आबादी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। संगठन का मानना है कि अलग-अलग राज्य स्तरीय ग्रामीण बैंकों को एकीकृत करने से ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को एक समान और प्रभावी स्वरूप दिया जा सकता है।

इस मांग के तहत संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को अधिक व्यवस्थित करने और ग्रामीण नागरिकों की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय स्तर की संस्था गठित करने की बात कही।

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग

चौथे प्रमुख मुद्दे के रूप में ग्रामीण बैंकों में लंबे समय से अस्थायी रूप से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की मांग उठाई गई। संगठन के अनुसार ग्रामीण बैंकों में 15 हजार से अधिक स्थायी पदों के संदर्भ में लंबे समय से अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति बनाई जानी चाहिए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाए जाने की आवश्यकता है। संगठन ने सरकार से इस दिशा में उचित निर्णय लेने की मांग की।

गांधी के प्रिय भजन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

मांगों को सामने रखने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से महात्मा गांधी के प्रिय भजन के साथ प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस दौरान सेवा, सद्भाव, शांति और सामाजिक कल्याण के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त समिति के सचिव बी.डी. यादव, अध्यक्ष एन.के.एस. कनौजिया, वरिष्ठ नागरिक कल्याण फाउंडेशन के संस्थापक राम सकल तिवारी, सचिव अनूप चौरसिया, हरि शंकर बाजपेई, एस.के. सिन्हा, सी.बी. सिंह यादव, जी.के. मिश्रा, एस.के. कटियार, पी.एस. मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, सुरेश कुमार, राज शुक्ला, राज कमल, आनंद मिश्रा, एस.बी. मिश्रा, उमेश कटियार, जमीर अहमद, रामकिवंचल और राम चंद्र अवस्थी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बैंक ऑफ बड़ौदा के सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक श्रीजी के. दीक्षित भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने गांधी जयंती के अवसर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए संबंधित मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

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