मेरठ में रेलवे की 10 फीट दीवार से रास्ता बंद होने का विरोध, चंद्रलोक कॉलोनी के लोगों ने मांगा 12 फीट रास्ता

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रिपोर्ट – मनीष पाराशर

मेरठ। शहर के साबुन गोदाम क्षेत्र स्थित चंद्रलोक कॉलोनी, वार्ड-51 में रेलवे प्रशासन द्वारा बनाई जा रही करीब 10 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि प्रस्तावित दीवार उनके घरों के सामने रास्ते को प्रभावित कर रही है। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद राजेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया और रेलवे तथा प्रशासन से कम से कम 12 फीट चौड़ा रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, चंद्रलोक कॉलोनी में कई परिवार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से रह रहे हैं। ऐसे में उनका कहना है कि अचानक रास्ता प्रभावित होने से रोजमर्रा की आवाजाही के साथ-साथ जल निकासी और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। प्रदर्शन में कॉलोनी की महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और छात्राओं ने हिस्सा लिया।

रेलवे की बाउंड्री वॉल को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता

धरने में शामिल वार्ड-51 के पार्षद राजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि चंद्रलोक कॉलोनी में लंबे समय से लोग निवास कर रहे हैं। उनके अनुसार, नगर निगम की ओर से क्षेत्र में एक मुख्य नाला बनाया गया है, जिसके माध्यम से चंद्रलोक कॉलोनी के साथ आसपास की करीब 13 कॉलोनियों का पानी निकलता है।

पार्षद का कहना है कि यदि नाले के किनारे ऊंची दीवार बन जाती है और पर्याप्त जगह नहीं छोड़ी जाती है तो भविष्य में नाले की सफाई में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने बारिश के दौरान जल निकासी को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि क्षेत्र का पानी इसी नाले के माध्यम से आगे जाता है और रास्ता प्रभावित होने पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मुख्य मांग केवल इतनी है कि आवाजाही के लिए कम से कम 12 फीट चौड़ा रास्ता उपलब्ध कराया जाए। साथ ही नाले की सफाई और रखरखाव के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाए।

महिलाओं और छात्राओं ने बताई अपनी परेशानी

प्रदर्शन में शामिल स्थानीय महिलाओं ने भी रेलवे की प्रस्तावित दीवार को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। स्थानीय निवासी गीता देवी ने कहा कि उनका परिवार कई दशकों से यहां रह रहा है। उनके अनुसार, यदि नाले के बिल्कुल पास दीवार खड़ी कर दी जाती है तो सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में गंदे पानी की निकासी बाधित होने से घरों के आसपास परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिवारों में चिंता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता पर्याप्त चौड़ा रहने से आवागमन और नाले की देखरेख दोनों में सुविधा बनी रहेगी।

वहीं, बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा अक्षिता ने कहा कि रेलवे की दीवार घरों के दरवाजों के काफी करीब बनाई जा रही है। उनका कहना है कि रास्ता संकरा होने पर कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों सहित स्थानीय लोगों को रोजाना आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

छात्रा ने यह भी कहा कि किसी आपात स्थिति में दमकल या एंबुलेंस जैसी सेवाओं के पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता होना जरूरी है। इसलिए स्थानीय लोग रेलवे और प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।

सांसद और प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

स्थानीय निवासियों और पार्षद के अनुसार, इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। लोगों ने मेरठ के सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी मेरठ, मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेलवे और नगर निगम के बीच समन्वय स्थापित कर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके बाद रास्ते और नाले से जुड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकेगा।

पैमाइश के बाद तय होगा रास्ता, फिलहाल काम रोका गया

मामले में नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि रेलवे अधिकारियों से बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि पहले तहसील और नगर निगम की ओर से संबंधित भूमि की पैमाइश कराई जाएगी। पैमाइश के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितनी जमीन नगर निगम की है और उस आधार पर रास्ते के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

नगरायुक्त के मुताबिक, जब तक जमीन की पैमाइश पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है। इसके साथ ही रेलवे के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल, चंद्रलोक कॉलोनी के लोगों की नजर पैमाइश और प्रशासनिक कार्रवाई पर है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि दशकों पुरानी आबादी की आवाजाही प्रभावित न हो और नाले की सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे। वहीं, प्रशासन की ओर से जमीन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विवाद का समाधान बातचीत और प्रशासनिक स्तर पर चाहते हैं। उनकी प्रमुख मांग 12 फीट चौड़े रास्ते को लेकर है, ताकि कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की आवाजाही सामान्य बनी रहे और भविष्य में जल निकासी तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न न हों।

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