लखीमपुर खीरी में हर्षोल्लास से मनी गांधी-शास्त्री जयंती, डीएम ने सत्य-अहिंसा और सादगी अपनाने का दिया संदेश

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली बच्चों ने प्रभातफेरी निकालकर सत्य, अहिंसा, शांति और देशसेवा का संदेश दिया। कलेक्ट्रेट से लेकर विद्यालयों तक दोनों महापुरुषों के आदर्शों को याद किया गया।

कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का आयोजन हुआ। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं, जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया।

युवाओं से गांधी और शास्त्री के आदर्श अपनाने की अपील

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने युवाओं से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल और सोशल मीडिया का दौर है, इसलिए किसी भी सूचना को बिना सत्यापन के साझा करने से बचना चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सत्य, अहिंसा, सादगी और ईमानदारी जैसे मूल्य आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं को महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ पढ़ने की सलाह दी। उनके अनुसार गांधी जी का जीवन दर्शन वर्तमान समय में भी समाज को सही दिशा देने में उपयोगी है।

इसी क्रम में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी देशहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है।

डीएम ने युवाओं को भ्रामक और आधी-अधूरी सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता जांचना और विवेक की कसौटी पर परखना जरूरी है। साथ ही, उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों तथा राष्ट्रनिर्माताओं के विचारों का अध्ययन कर उन्हें व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश की प्रगति में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया।

अधिकारियों ने भी बताए गांधी-शास्त्री के आदर्श

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। उनके बताए मार्ग पर निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही दोनों महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने गांधी जी के सर्वोदय और अंत्योदय के विचार तथा शास्त्री जी की सादगी और दूरदर्शिता से प्रेरणा लेने की अपील की।

वहीं, एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह ने कहा कि दोनों महापुरुषों का देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अधिकारियों, नागरिकों और बच्चों से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए देश के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पत्रकार एनके मिश्रा और संजीव त्रिवेदी तथा डीएम के ओएसडी संतोष कुमार वर्मा ने भी गांधी और शास्त्री जी के जीवन एवं विचारों पर अपने विचार रखे। कलेक्ट्रेट कर्मी कुशाग्र और श्रीराम ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम में डीएसओ सीमा त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ नमन पाण्डेय, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नाजिर मो. सलीम, प्रशासनिक अधिकारी सुधीर सोनी, सुरेश कुमार वर्मा, खुशाल सिंह सहित कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों के कर्मचारी मौजूद रहे।

गांधी बालोद्यान में बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति

गांधी और शास्त्री जयंती के अवसर पर नगर स्थित गांधी बालोद्यान कन्या जूनियर हाईस्कूल में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने विद्यालय पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान विद्यालय की नर्सरी की छात्रा ने जिलाधिकारी का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

विद्यालय की छात्राओं ने रामधुन सहित कई देशभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बच्चों के कार्यक्रम का आनंद लिया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।

विद्यालय अध्यक्ष के रूप में बच्चों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। ऐसे में गांधी जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए समाज और देश को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से निरंतर प्रगति करें और जीवन में नए लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इसलिए बचपन से ही गांधी जी के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना जरूरी है। शिक्षा ऐसा माध्यम है, जिसके जरिए बच्चे अपने परिवार और आसपास के समाज के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।

डीएम ने बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी जी के विचारों और देशभक्ति की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं और बच्चे मौजूद रहे।

इस प्रकार लखीमपुर खीरी में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के कार्यक्रमों ने लोगों को सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

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