गांधी जयंती पर खादी भंडार पहुंचे जिलाधिकारी कपिल सिंह, स्वदेशी उत्पाद अपनाने का दिया संदेश
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कानपुर देहात में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अकबरपुर स्थित स्वराज आश्रम खादी भंडार पहुंचकर महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य भी मौजूद रहे।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और उनके स्वदेशी, स्वावलंबन तथा आत्मनिर्भरता के संदेश को याद किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन और उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने का उनका विचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
महात्मा गांधी के चित्र पर किया माल्यार्पण
स्वराज आश्रम खादी भंडार पहुंचने के बाद जिलाधिकारी कपिल सिंह ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राष्ट्रपिता के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने देशवासियों को सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वदेशी विचार केवल उस दौर तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान समय में भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को अपनाने से जहां कारीगरों और छोटे उत्पादकों को प्रोत्साहन मिलता है, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
जिलाधिकारी ने की खादी उत्पादों की खरीदारी
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्वराज आश्रम खादी भंडार से वस्त्र एवं अन्य खादी उत्पादों की खरीदारी भी की। इसके माध्यम से उन्होंने आमजन को स्वदेशी और खादी उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि खादी केवल पहनने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और राष्ट्रप्रेम की भावना से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी दैनिक जरूरतों में स्थानीय स्तर पर निर्मित और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि जब लोग स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं तो इसका सीधा लाभ स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों को मिलता है। परिणामस्वरूप रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।
आत्मनिर्भरता के लिए खादी को बढ़ावा देने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि आत्मनिर्भरता का लक्ष्य केवल बड़े उद्योगों के विकास से पूरा नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। इस दृष्टि से खादी एवं ग्रामोद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ग्रामीण भारत की आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर दिया था। उनके विचारों के अनुरूप स्थानीय कारीगरों और ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना आज भी उपयोगी है। इसके साथ ही स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से छोटे व्यवसायों को भी मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने खादी भंडार में उपलब्ध विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली और वहां की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने का संदेश दिया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया संकल्प
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन देश सेवा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से जुड़े विचारों को भी याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन विचारों को व्यवहार में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
गौरतलब है कि गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में महात्मा गांधी के विचारों और उनके योगदान को याद किया जाता है। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी इसी दिन मनाई जाती है। शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रहित को अपने सार्वजनिक जीवन में विशेष महत्व दिया।
कानपुर देहात में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन की ओर से खादी, ग्रामोद्योग और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं खादी उत्पादों की खरीदारी किए जाने से स्थानीय स्तर पर भी स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश गया।
कार्यक्रम में जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश अग्निहोत्री, तहसीलदार अकबरपुर पवन कुमार सहित खादी भंडार के कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस प्रकार गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उनके स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। खादी उत्पादों की खरीदारी के माध्यम से स्थानीय कारीगरों और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

