गांधी नगर पब्लिक स्कूल में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर विद्यार्थियों को मिला सत्य-अहिंसा का संदेश

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रिपोर्ट- मो. अरशद

मुरादाबादगांधी नगर पब्लिक स्कूल के प्रांगण में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन, विचारों और देशसेवा के आदर्शों को याद किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रबंध समिति के सदस्यों और प्रधानाचार्या द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। वहीं, छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रामधुन ने कार्यक्रम स्थल के वातावरण को भक्तिमय और देशभक्ति की भावना से भर दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष विजय गुप्ता, प्रबंधक अनिल कुमार सिंघल, हरपाल नगर एजूकेशनल सोसायटी के सदस्य अनुज अग्रवाल और विजय कुमार सिंघल सहित विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत से प्रेरणा लेने का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के अध्यक्ष विजय गुप्ता ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से समाज तथा देश के सामने एक आदर्श स्थापित किया। उनके विचार आज भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के देशप्रेम, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का भी उल्लेख किया। विजय गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली और आकर्षक बनाने के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।

भारतीय संस्कृति और सद्व्यवहार पर दिया जोर

विद्यालय के प्रबंधक अनिल कुमार सिंघल ने विद्यार्थियों को भारतीय सभ्यता और संस्कृति के मूल्यों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सद्व्यवहार, सम्मान, सहयोग और मानवता को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए।

उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष और बलिदान देने वाले महापुरुषों को भी याद किया। साथ ही, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन संघर्ष से विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर कायम रहने की सीख देता है।

विद्यार्थियों को ‘सत्यमेव जयते’ का संदेश

हरपाल नगर एजूकेशनल सोसायटी के सदस्य अनुज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को ‘सत्यमेव जयते’ के सिद्धांत पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सत्य और ईमानदारी व्यक्ति के चरित्र की मजबूत नींव हैं। इसलिए विद्यार्थियों को जीवन में सच्चाई, निडरता और सादगी को अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान हासिल करना नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन मूल्यों को समझने और उन्हें व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रधानाचार्या ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री गुरविन्दर कौर गुलाटी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को देश के महान नेताओं के जीवन और विचारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।

इसके बाद सभी अतिथियों और विद्यालय परिवार को सूक्ष्म जलपान के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. बबीता गोयल ने किया।

इस अवसर पर उपप्रधानाचार्या श्रीमती दिव्या अग्रवाल, प्रशासक विशाल गर्ग, श्रीमती दीपिका अग्रवाल, श्रीमती अनुधि टंडन, श्रीमती पूजा अग्रवाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा।

विद्यार्थियों ने लिया आदर्शों को अपनाने का संकल्प

गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के दो महान नेताओं के जीवन और उनके विचारों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन, देशप्रेम और सेवा भावना जैसे मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया।

महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की। ऐसे में विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रहा।

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