गांधी जयंती पर कानपुर देहात में वाक रेस प्रतियोगिता, जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी और विजेताओं को किया सम्मानित

WhatsApp Image 2026-10-02 at 2.45.28 PM

रिपोर्ट – विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कानपुर देहात के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, माती में वाक रेस यानी पैदल चाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बालक एवं बालिका वर्ग में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों और खेल संस्थानों से जुड़े खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को बढ़ावा देना रहा।

प्रतियोगिता का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह ने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य तथा अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

बालक-बालिका वर्ग में खिलाड़ियों ने दिखाया उत्साह

गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित वाक रेस में जनपद के अलग-अलग विद्यालयों और खेल संस्थानों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में शामिल बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने खेल भावना और अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पैदल चाल जैसी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को गति के साथ-साथ तकनीक, संतुलन और निरंतरता पर भी ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ निर्धारित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

वहीं, प्रतियोगिता के दौरान खेल विभाग से जुड़े प्रशिक्षकों और शिक्षकों ने खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया। अभिभावकों की मौजूदगी ने भी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। इस प्रकार जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, माती में आयोजित कार्यक्रम खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाला अवसर बना।

जिलाधिकारी ने विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

प्रतियोगिता के समापन के बाद जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता को मजबूत करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से मानसिक विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। खेलों में नियमित सहभागिता से युवाओं में मेहनत, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है। इसलिए विद्यालयों और खेल संस्थानों को भी बच्चों को विभिन्न खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

खेलों से युवाओं में विकसित होते हैं अनुशासन और आत्मविश्वास

जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा खेल गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में भी सहायक होती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में जीत और हार दोनों से सीखने का अवसर मिलता है। इसलिए खिलाड़ियों को परिणाम की चिंता किए बिना लगातार अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने उपस्थित युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

गांधी और शास्त्री के आदर्शों से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्शों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और स्वच्छता जैसे मूल्यों पर जोर दिया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकती है। विशेष रूप से खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित की जा सकती है।

अधिकारियों और खेल विभाग के प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में जिला क्रीड़ाधिकारी नीलम सिद्दीकी, जिला युवा अधिकारी प्रिया तिवारी सहित खेल विभाग के प्रशिक्षक, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे। अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने और अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उपस्थित अधिकारियों ने खेलों को युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

कुल मिलाकर, गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, माती में आयोजित वाक रेस प्रतियोगिता ने युवाओं को खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया। वहीं, विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने से उनका उत्साह भी बढ़ा। ऐसे आयोजनों से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

You may have missed