कानपुर देहात में गांधी जयंती पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं का शुभारंभ

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कानपुर देहात के जिला महिला चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जिला महिला चिकित्सालय पहुंचकर ट्रायेज इमरजेंसी, लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और मैटरनल एचडीयू का शुभारंभ किया। इन नई स्वास्थ्य सुविधाओं के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर एवं व्यवस्थित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कपिल सिंह के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयगोविन्द तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में तीनों स्वास्थ्य सुविधाओं का विधिवत उद्घाटन किया गया।

ट्रायेज इमरजेंसी से मरीजों को मिलेगी प्राथमिकता आधारित सुविधा

जिला महिला चिकित्सालय में शुरू की गई ट्रायेज इमरजेंसी का उद्देश्य आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की स्थिति के अनुसार प्राथमिकता निर्धारित करना है। इसके माध्यम से गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। वहीं, अन्य मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया जा सकेगा।

जिलाधिकारी ने नई स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाली महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में समयबद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था को मरीज-केंद्रित बनाए रखने पर जोर दिया।

लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट से स्तनपान को मिलेगा बढ़ावा

अस्पताल में शुरू की गई लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट माताओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। इस इकाई के माध्यम से माताओं को स्तनपान से संबंधित आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। विशेष रूप से नवजात शिशुओं की माताओं को शिशु के लिए उचित स्तनपान, देखभाल और पोषण से जुड़ी जानकारी देने में यह इकाई सहायक होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सही मार्गदर्शन भी जरूरी है। इसलिए अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही नई सुविधाओं का उद्देश्य महिलाओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित तथा संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

मैटरनल एचडीयू से गंभीर मातृ मामलों की निगरानी

जिला महिला चिकित्सालय में मैटरनल हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) का भी शुभारंभ किया गया। यह सुविधा ऐसी गर्भवती महिलाओं और माताओं की निगरानी एवं देखभाल में उपयोगी होगी, जिन्हें सामान्य वार्ड की तुलना में अधिक चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने तथा उपचार व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार करते हुए उन्हें अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के प्रतिभागी हुए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को जिलाधिकारी कपिल सिंह ने प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ मां पुरस्कार के प्रतिभागियों को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी ने प्रतिभागियों के प्रयासों और स्वास्थ्य के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर परिवारों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम समाज में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं।

उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं, नवजात एवं छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी होना जरूरी है।

स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। नई सुविधाओं के शुरू होने से जिला महिला चिकित्सालय में आने वाली महिलाओं और बच्चों को अधिक व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करते हुए सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से भी मरीजों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने और उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की। इसके अलावा, अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करने तथा उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लाभार्थी महिलाएं और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने का संदेश दिया गया, वहीं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी जोर रहा।

कुल मिलाकर, गांधी जयंती के अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय में शुरू की गई ट्रायेज इमरजेंसी, लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और मैटरनल एचडीयू को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन सुविधाओं के प्रभावी संचालन से गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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