प्रेमानंद बाबा के शिष्य प्रकरण में CBI जांच की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रिपोर्ट: योगेश भारद्वाज
वृंदावन। श्रीधाम वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य से जुड़े संदिग्ध प्रकरण को लेकर संत समाज में चिंता और आक्रोश का माहौल है। मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर फलाहारी धाम के महंत दिनेश फलाहारी जी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्षता से जांच हो सके।
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा है कि श्रीधाम वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य के साथ हुई घटना ने संपूर्ण ब्रजमंडल और संत समाज को आहत किया है। उन्होंने कहा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामला हत्या से जुड़ा है या आत्महत्या से, और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे।
इसी क्रम में उन्होंने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर घटना के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष पड़ताल हो सकेगी और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की उच्चस्तरीय जांच की मांग
महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, घटना के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। इसलिए मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की आधिकारिक जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संत समाज की ओर से भी यही मांग उठाई जा रही है कि किसी भी तरह की अटकलों के बजाय जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाए।
वृंदावन की संत परंपरा और धार्मिक पहचान का उल्लेख
अपने पत्र में दिनेश फलाहारी महाराज ने श्रीधाम वृंदावन की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि वृंदावन की भूमि सदियों से भजन, साधना और तप की परंपरा से जुड़ी रही है। देश-विदेश से श्रद्धालु और साधु-संत यहां आध्यात्मिक साधना के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में साधु-संत पीले वस्त्र धारण कर वृंदावन की परिक्रमा करते हैं और भजन-साधना में लगे रहते हैं। ऐसे में किसी संत या साधु से जुड़ी संदिग्ध घटना का सामने आना संत समाज के लिए चिंता का विषय है।
संतों के सत्यापन की भी उठाई मांग
पत्र में महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने वृंदावन में रहने वाले साधु-संतों के सत्यापन की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश संत धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के अनुरूप साधना कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान और वेशभूषा का गलत इस्तेमाल करने वाले लोगों की पहचान भी जरूरी है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संत वेश धारण करने वाले व्यक्तियों के सत्यापन की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। उनके मुताबिक, इससे धार्मिक नगरी की गरिमा बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसी भी आपराधिक गतिविधि में संतों की पहचान के दुरुपयोग की संभावना को कम किया जा सकेगा।
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग
महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की जांच से न केवल घटना की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि ब्रजवासियों और संत समाज के बीच विश्वास भी मजबूत होगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
फिलहाल, इस प्रकरण को लेकर संत समाज की ओर से CBI जांच की मांग की गई है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि और वास्तविक कारणों का निर्धारण जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकेगा। ऐसे में मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के परिणाम की प्रतीक्षा करना महत्वपूर्ण है।
वहीं, मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के माध्यम से महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। अब इस मांग पर शासन और संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर संत समाज और ब्रजवासियों की नजर बनी हुई है।

