जौनपुर पुलिस ने बरामद किए 201 चोरी और गुम मोबाइल फोन, CEIR से 45 लाख की संपत्ति वापस
पुलिस के मुताबिक, यह अभियान नोडल अधिकारी साइबर क्राइम अनन्त चन्द्रशेखर (IPS) के निर्देशन और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता (IPS) के पर्यवेक्षण में चलाया गया। साइबर टीम ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई। इसके बाद मोबाइल फोन के इस्तेमाल और तकनीकी इनपुट के आधार पर उनकी पहचान कर अलग-अलग स्थानों से बरामदगी की गई।
CEIR पोर्टल से मिली मोबाइल बरामदगी में मदद
गौरतलब है कि CEIR यानी Central Equipment Identity Register पोर्टल मोबाइल फोन के IMEI नंबर से संबंधित जानकारी के आधार पर गुम या चोरी हुए फोन को ब्लॉक कराने और उनकी पहचान में मदद करता है। जौनपुर पुलिस की साइबर टीम ने इसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जिलों और राज्यों में सक्रिय मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आए तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम ने संबंधित स्थानों पर संपर्क और कार्रवाई करते हुए 201 मोबाइल फोन बरामद किए। इस तरह तकनीक के इस्तेमाल से उन लोगों को भी राहत मिली, जिन्हें लंबे समय से अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी।
मोबाइल वापस पाकर खिले स्वामियों के चेहरे
मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद पुलिस ने उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों में खुशी का माहौल रहा। कई ऐसे लोग भी रहे, जिन्होंने मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद उसके वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। पुलिस की ओर से फोन वापस किए जाने पर उन्होंने राहत महसूस की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन आज दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसमें व्यक्तिगत संपर्क, जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल के गुम या चोरी होने पर उसका जल्द ब्लॉक कराया जाना और पुलिस को सूचना देना महत्वपूर्ण हो जाता है।
अब तक 2239 मोबाइल फोन बरामद
जौनपुर पुलिस के अनुसार, CEIR पोर्टल के माध्यम से अब तक 2239 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन सभी बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 4.35 करोड़ रुपये बताई गई है। यह आंकड़ा बताता है कि तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल कर गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।
वर्तमान अभियान में बरामद किए गए 201 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये है। पुलिस की साइबर टीम ने अलग-अलग जिलों और राज्यों से इन मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। इसके बाद संबंधित मोबाइल स्वामियों की पहचान कर उन्हें फोन वापस किए गए।
समय पर सूचना देने की अपील
जौनपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करें। पुलिस के मुताबिक, समय पर जानकारी उपलब्ध होने से मोबाइल को ट्रैक करने और उसकी बरामदगी में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है। मोबाइल खरीदते समय उसके बिल और IMEI नंबर की जानकारी संभालकर रखने से भविष्य में फोन गुम होने या चोरी होने की स्थिति में पहचान संबंधी प्रक्रिया में सहायता मिल सकती है।
साइबर टीम की कार्रवाई से लोगों को राहत
जौनपुर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर तकनीक के इस्तेमाल का एक उदाहरण है। पहले गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस पाना चुनौतीपूर्ण माना जाता था, लेकिन अब CEIR जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे मामलों में कार्रवाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन की जानकारी समय से दर्ज कराने और उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाने से बरामदगी की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए लोगों को मोबाइल गुम होने की स्थिति में देरी किए बिना संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
इस अभियान के जरिए एक बार फिर यह सामने आया है कि पुलिस की साइबर टीम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार काम कर रही है। जौनपुर पुलिस द्वारा अब तक 2239 मोबाइल फोन की बरामदगी और उनकी अनुमानित 4.35 करोड़ रुपये की कीमत की जानकारी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

