आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में इटावा DFO और चालक की मौत, तीन घायल
रिपोर्ट: रोहित सिंह चौहान
इटावा/फिरोजाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसे में इटावा में तैनात जिला वन अधिकारी (DFO) विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौत हो गई। हादसा फिरोजाबाद जनपद के नगला खंगर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब किलोमीटर संख्या 69 के पास हुआ। दुर्घटना में डीएफओ के साथ कार में सवार एक महिला और दूसरी कार में सवार पति-पत्नी भी घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नगला खंगर क्षेत्र में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, इटावा के जिला वन अधिकारी विकास नायक अपने चालक देवांश के साथ कार से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नगला खंगर क्षेत्र के पास दो वाहनों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित राहत दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई की। इसके बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में डीएफओ विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौत हो गई। वहीं, डीएफओ के साथ यात्रा कर रहीं 65 वर्षीय केशवती गंभीर रूप से घायल हुई हैं। दूसरी कार में सवार पति-पत्नी भी हादसे में घायल हुए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घायलों का उपचार उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में चल रहा है।
दो वाहनों की टक्कर के बाद मची हलचल
बताया जा रहा है कि हादसा दो वाहनों के बीच टक्कर के बाद हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके साथ ही यातायात को व्यवस्थित किया गया, ताकि एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाले अन्य वाहनों को परेशानी न हो।
पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, घायलों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हादसे के कारणों को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। दुर्घटना की परिस्थितियों और दोनों वाहनों की स्थिति के आधार पर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इटावा वन विभाग में शोक
विकास नायक इटावा में जिला वन अधिकारी के पद पर तैनात थे। सड़क हादसे में उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद वन विभाग और प्रशासनिक महकमे में शोक की स्थिति है। उनके साथ चालक देवांश की भी जान चली गई।
एक अधिकारी की सड़क हादसे में मौत की खबर के बाद विभागीय कर्मचारियों और परिचितों में भी शोक की लहर है। हादसे की सूचना उनके परिजनों तक पहुंचाई गई है। प्रशासन की ओर से भी घटना से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
घायलों का अस्पताल में उपचार जारी
हादसे में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। रिपोर्टों के अनुसार, तीन घायलों को सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करना है। हादसे में शामिल वाहनों की भी जांच की जा रही है।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और सावधानी जरूरी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह करीब 302 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो आगरा से शुरू होकर फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, हरदोई और उन्नाव होते हुए लखनऊ तक जाता है।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए गति सीमा का पालन करने, पर्याप्त दूरी बनाए रखने और लंबे सफर के दौरान थकान या नींद महसूस होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकने की आवश्यकता रहती है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अनुसार, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात की निगरानी और सुरक्षा के लिए एंबुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन, क्रेन तथा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
फिलहाल नगला खंगर क्षेत्र में हुए इस हादसे की जांच जारी है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, दो लोगों की मौत और तीन लोगों के घायल होने की घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित और सतर्क ड्राइविंग की जरूरत को सामने रखा है।

