अमेठी में चल रही है बिजली समस्या – ऊर्जा मंत्री से मिले युवराज अनंत विक्रम सिंह और शांभवी सिंह

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अमेठी: जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर अमेठी रियासत के युवराज अनन्त विक्रम सिंह और उनकी पत्नी शाम्भवी अनन्त विक्रम सिंह ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान अमेठी के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके सामने रखा गया। मुलाकात में खास तौर पर जर्जर विद्युत तारों, कमजोर खंभों, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मरों की क्षमता और रात के समय होने वाली अनियोजित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया गया।

युवराज अनन्त विक्रम सिंह और शाम्भवी सिंह ने ऊर्जा मंत्री से अमेठी की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।

जर्जर तार और कमजोर खंभे बदलने की मांग

मुलाकात के दौरान अमेठी के कई क्षेत्रों में पुराने और जर्जर विद्युत तारों की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से बताया गया कि कई स्थानों पर विद्युत लाइनें पुरानी होने के साथ-साथ तारों के लटकने की शिकायत भी सामने आती रही है।

इसी तरह, कुछ स्थानों पर विद्युत खंभों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। मांग रखी गई कि जहां विद्युत खंभे कमजोर या क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, वहां सर्वे कराकर उन्हें बदला जाए। साथ ही, लटकते तारों को व्यवस्थित कराने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

युवराज और शाम्भवी सिंह का कहना था कि विद्युत ढांचे को मजबूत करने से न केवल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को होने वाली स्थानीय परेशानियों में भी कमी आ सकती है।

लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने पर जोर

बैठक में लो-वोल्टेज की समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में कम वोल्टेज की शिकायतों को देखते हुए नए ट्रांसफार्मर लगाने और पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई।

कम वोल्टेज की समस्या का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबार और कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से चलने वाले उपकरणों और सिंचाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त वोल्टेज जरूरी होता है। इसलिए प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रवार आवश्यकता का आकलन कर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग रखी।

इसके अलावा, जहां मौजूदा ट्रांसफार्मर पर भार अधिक है, वहां क्षमता विस्तार या अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया गया।

रात में अनियोजित बिजली कटौती का मुद्दा

अमेठी में बिजली आपूर्ति को लेकर हाल के दिनों में कटौती और फॉल्ट की शिकायतें भी सामने आई हैं। सितंबर में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कई घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रहने की रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं।

इसी संदर्भ में मुलाकात के दौरान रात के समय होने वाली अनियोजित बिजली कटौती का मुद्दा भी ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जहां तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति रोकना आवश्यक न हो, वहां अनावश्यक कटौती से बचने के लिए व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती होने से घरेलू कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई और अन्य जरूरी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए बिजली आपूर्ति के शेड्यूल और फॉल्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

हाल में भी सामने आई बिजली संकट की स्थिति

अमेठी जिले में सितंबर के दौरान बिजली आपूर्ति से संबंधित कई समस्याएं सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में इमरजेंसी रोस्टिंग, लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग के चलते चार से आठ घंटे तक आपूर्ति प्रभावित हुई थी।

वहीं, इससे पहले भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती की शिकायतें सामने आई थीं। गौरीगंज क्षेत्र में ग्रामीणों ने रात के समय कई घंटे बिजली न मिलने की समस्या उठाई थी।

इसके अलावा, बारिश और तेज हवा के दौरान पेड़ गिरने से बिजली लाइनों और खंभों को नुकसान पहुंचने के मामले भी सामने आए हैं। सितंबर की शुरुआत में एक बिजली लाइन पर पेड़ गिरने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। ऊर्जा निगम की टीम ने इसके बाद क्षतिग्रस्त लाइन और खंभों की मरम्मत का काम किया था।

ऐसे में विद्युत ढांचे को मजबूत करने की मांग को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री ने समाधान का दिया आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अमेठी से जुड़ी बिजली समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान रखी गई समस्याओं में जर्जर तार, कमजोर विद्युत खंभे, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मरों की क्षमता और अनियोजित बिजली कटौती प्रमुख रहीं।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा हाल के दिनों में विद्युत व्यवस्था और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं।

इस लिहाज से अमेठी में उठाए गए बिजली संबंधी मुद्दों पर अब स्थानीय लोगों की नजर संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर रहेगी।

जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात

मुलाकात के बाद युवराज अनन्त विक्रम सिंह ने कहा कि अमेठी की सेवा और जनता की सुविधाओं के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

वहीं, अमेठी के लोगों के लिए निर्बाध और बेहतर विद्युत आपूर्ति रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। बिजली व्यवस्था में सुधार होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य लोगों को भी लाभ मिल सकता है।

फिलहाल प्रतिनिधिमंडल की ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के बाद अमेठी की बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शासन स्तर तक पहुंच गए हैं। अब यह देखना होगा कि जर्जर विद्युत ढांचे, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर की क्षमता और अनियोजित कटौती जैसी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

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