मेरठ के कैसरगंज मस्जिद विवाद में बढ़ी सुरक्षा, हनुमान चालीसा के ऐलान के बाद पुलिस अलर्ट

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रिपोर्ट – मनीष पाराशर 

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में केसरगंज मंडी स्थित एक मस्जिद में निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंच गया है। मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर हुए निर्माण कार्य को लेकर पहले से आपत्तियां सामने आ रही थीं। इसी बीच सोशल मीडिया पर हिंदू संगठन के नेताओं की ओर से 29 सितंबर को मस्जिद के पास हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा का वीडियो सामने आया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है।

पुलिस के मुताबिक, इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर भरोसा न करें और प्रशासन का सहयोग करें।

हनुमान चालीसा पाठ के ऐलान के बाद बढ़ी निगरानी

मामला उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर हिंदू दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और ललित शर्मा की ओर से 29 सितंबर को केसरगंज मस्जिद के पास हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा वाला वीडियो सामने आया।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस की ओर से क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती और गश्त बढ़ाने की जानकारी दी गई है।

वहीं, मस्जिद के मुतवल्ली जुबैर ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

निर्माण कार्य को लेकर पहले से चल रहा विवाद

केसरगंज मंडी की मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य को लेकर करीब एक महीने पहले स्थानीय व्यापारियों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, व्यापारियों की शिकायत के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था।

व्यापारियों के एक वर्ग का आरोप है कि मस्जिद के मूल स्वरूप में बदलाव करते हुए निर्माण कराया जा रहा था। वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से इसे धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला बताया गया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि निर्माण को लेकर सामने आए अवैध निर्माण के आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही हो सकती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

व्यापारियों ने जांच की मांग उठाई

केसरगंज मंडी के कुछ व्यापारियों ने निर्माण कार्य को लेकर प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। व्यापारियों का कहना है कि मंडी क्षेत्र में लंबे समय से धार्मिक स्थल मौजूद है, लेकिन उसके स्वरूप और निर्माण को लेकर उठे सवालों का प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट समाधान होना चाहिए।

व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने निर्माण की स्थिति, अनुमति और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले का समाधान रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों।

दूसरी ओर, मस्जिद से जुड़े पक्ष की ओर से भी प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है। इस तरह दोनों पक्षों की शिकायतों और दावों के बीच अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मस्जिद के पास कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

सीओ कैंट संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर मस्जिद के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्त बढ़ाई गई है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने तथा भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

पुलिस और प्रशासन की ओर से यह भी संदेश दिया गया है कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश पर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय कारोबार पर भी असर

केसरगंज मंडी व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में विवाद और सुरक्षा व्यवस्था का असर स्थानीय कारोबार पर पड़ने की बात भी सामने आई है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पुलिस की अतिरिक्त तैनाती और बैरिकेडिंग के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ व्यापारियों ने चिंता जताई कि यदि बड़ी संख्या में बाहरी लोग क्षेत्र में पहुंचते हैं तो सामान्य व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी समुदाय या कारोबार को प्रभावित करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।

प्रशासन की अपील—अफवाहों पर न दें ध्यान

केसरगंज मामले में प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर सूचना को सही न माना जाए और किसी भी खबर की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से की जाए।

दरअसल, संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के प्रसारित होने वाली सूचनाएं स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए पुलिस ने स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाह को आगे न बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा है।

अब प्रशासनिक जांच पर टिकी नजर

केसरगंज मस्जिद विवाद में एक ओर निर्माण कार्य को लेकर व्यापारियों और हिंदू संगठनों की आपत्तियां हैं, जबकि दूसरी ओर मस्जिद से जुड़े लोगों ने पुलिस से सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। इसके बीच 29 सितंबर को प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा ने पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी है।

फिलहाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और क्षेत्र में निगरानी जारी है। वहीं, निर्माण से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और प्रशासनिक जांच से स्पष्ट होगी। ऐसे में आने वाले समय में प्रशासन की कार्रवाई और दोनों पक्षों की शिकायतों के निस्तारण पर नजर बनी रहेगी।

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